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CCSU में ब्लैकलिस्टिंग प्रकरण में धरने से गायब प्रबंधन:मेरठ में छात्रों ने किया था घेराव का ऐलान, कार्यालय में नहीं आए कुलपति और रजिस्ट्रार, PAC मौजूद
मेरठ की चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में 147 छात्रों और पूर्व छात्रों को ब्लैकलिस्ट किए जाने के फैसले के विरोध में बुधवार को माहौल पूरे दिन गरमाया रहा। छात्र नेताओं द्वारा कुलपति कार्यालय पर धरना देने की घोषणा के चलते सुबह से ही विश्वविद्यालय परिसर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। संभावित प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। कैंपस के मुख्य गेट से लेकर कुलपति कार्यालय तक हर गतिविधि पर नजर रखी गई। हालांकि कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के चलते छात्र नेताओं का प्रस्तावित धरना प्रभावी रूप से नहीं हो सका।
इस बीच सबसे खास बात यह रही कि पूरे घटनाक्रम के दौरान कुलपति और रजिस्ट्रार कार्यालय नहीं पहुंचे। दोनों अधिकारियों की अनुपस्थिति को लेकर छात्रों और कर्मचारियों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन संवाद से बचने के लिए जानबूझकर दूरी बना रहा है।
छात्र नेता अक्षय बैंसला ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने 147 छात्रों और पूर्व छात्रों को ब्लैकलिस्ट कर उनके कैंपस में प्रवेश पर रोक लगा दी है, जो पूरी तरह से अलोकतांत्रिक और मनमाना फैसला है। उनका आरोप है कि इस सूची में विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े छात्र नेताओं के नाम भी शामिल हैं, जिससे यह कार्रवाई पक्षपातपूर्ण प्रतीत होती है।
वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन का पक्ष है कि यह कदम परिसर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है। जिन लोगों पर गंभीर आरोप हैं, उन्हीं के खिलाफ कार्रवाई की गई है। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि ब्लैकलिस्टिंग का फैसला वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन की रणनीति बनाई जा रही है।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
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