संभल में सरकारी भूमि से मदरसा-दुकानों का मलबा नहीं हटा:अवैध मदरसे-दुकानों के ध्वस्तीकरण के बाद मस्जिद हटाने पर विवाद


                 संभल में सरकारी भूमि से मदरसा-दुकानों का मलबा नहीं हटा:अवैध मदरसे-दुकानों के ध्वस्तीकरण के बाद मस्जिद हटाने पर विवाद

संभल में सरकारी भूमि से मदरसा-दुकानों का मलबा नहीं हटा:अवैध मदरसे-दुकानों के ध्वस्तीकरण के बाद मस्जिद हटाने पर विवाद

संभल जनपद में सरकारी भूमि पर बने गौसुल मदरसा और पांच दुकानों के ध्वस्तीकरण के 15 दिन बाद भी मलबा नहीं हटाया जा सका है। यह निर्माण लगभग 700 वर्ग मीटर भूमि पर था। मुस्लिम समुदाय के लोग प्रशासन से मस्जिद का निर्माण हटाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन साथ ही वे ग्राम समाज की भूमि पर बने सभी अवैध निर्माणों को हटाने की शर्त रख रहे हैं। यह मामला संभल जनपद के थाना असमोली क्षेत्र के मुबारकपुर बंद गांव का है। बुधवार को भी मुस्लिम समुदाय ने मस्जिद का निर्माण नहीं हटाया, जबकि प्रशासन ने 8 दिन के भीतर सरकारी भूमि से सभी निर्माण हटाने की चेतावनी दी थी। समुदाय के लोग मस्जिद हटाने का विरोध कर रहे हैं और उनकी मांग है कि पहले ग्राम समाज की भूमि पर बने सभी निर्माण हटाए जाएं, उसके बाद ही मस्जिद को हटाया जाए। इससे पहले, 28 मार्च को भूमि की पैमाइश के बाद मुस्लिम समुदाय ने 31 मार्च से गौसुल मदरसा और पांच दुकानों को तोड़ना शुरू कर दिया था। मस्जिद कमेटी और ग्राम प्रधानपति हाजी मुनव्वर की मांग पर प्रशासन ने बुलडोजर उपलब्ध कराया था। पिछले रविवार को बुलडोजर ने 2100 रुपये लेकर दो घंटे में मदरसा और दुकानों को ध्वस्त कर दिया। ग्रामीण अपने हाथों से मस्जिद को नहीं तोड़ना चाहते हैं और प्रशासन से ही इसे हटाने की मांग कर रहे हैं। मदरसा और दुकानें तोड़ने के लिए गांव के आबिद को 80,000 रुपये का ठेका दिया गया था। लेखपाल सुरेंद्र कुमार के अनुसार, गाटा संख्या 630 खेल का मैदान है, जिसके 0.126 एयर (लगभग 150 वर्ग मीटर) हिस्से पर मदरसा और मस्जिद का निर्माण है। इसके अलावा, खाद के गड्ढे की गाटा संख्या 623 में 540 वर्ग मीटर भूमि पर मदरसा, मस्जिद और पांच दुकानें बनी हुई हैं। लेखपाल ने यह भी बताया कि गाटा संख्या 623 में एक मकान की बैठक और एक रास्ता भी मौजूद है। इसके अतिरिक्त, ढाई बीघा भूमि पर प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय बने हुए हैं, जो खेल के मैदान के नाम पर दर्ज है। ध्वस्त दुकानों में गांव निवासी हामिद पुत्र नूरुद्दीन की समोसा-पकौड़े की दुकान, अफजल पुत्र सुलेमान की हरी सब्जी की दुकान, शाने आलम पुत्र पीर बख्श की समोसा-पकौड़े की दुकान, फरमान पुत्र कल्लू का मेडिकल स्टोर और अजगर पुत्र इलियास का जन सेवा केंद्र शामिल था। डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया के आदेश पर तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने ग्राम समाज की भूमि का सीमांकन कर कब्जा मुक्त कराए जाने के संबंध में राजस्व निरीक्षक गुमसानी चंद्रपाल सिंह के नेतृत्व में हल्का लेखपाल सुरेंद्र सिंह, पीयूष शर्मा, अमित प्रथम, अनुराग शर्मा और सुभाष चंद्र की टीम गठित की गई। गाटा संख्या 623, रकवा 0.112 हेक्टेयर (खाद के गडढे) और गाटा संख्या 630, रकवा 0.126 हेक्टेयर खेल का मैदान की पैमाइश होनी है। 29 मार्च को राजस्व प्रशासन की पैमाइश के बाद आबिद को अवैध निर्माण तोड़ने का ठेका दिया गया है।


Source: Dainik Bhaskar via DNI News

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