
बिना कारण बताए गिरफ्तारी पर हाई कोर्ट सख्त, यूपी सरकार पर लगाया 10 लाख का जुर्माना
हाई कोर्ट की खंडपीठ ने गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की ओर से उसके पुत्र की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर पारित किया है। न्यायालय ने यह भी टिप्पणी की कि अपर मुख्य सचिव गृह अपने शपथ पत्र में यह स्पष्ट करने में असफल रहे कि याची को अवैध हिरासत में रखने के कारण क्यों न हर्जाना लगाया जाए।
Source: Live Hindustan via DNI News

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