MD बोले- स्मार्ट मीटर की 98 प्रतिशत शिकायतें निस्तारित:उपभोक्ताओं को किया जा रहा जागरूक, प्रेसवार्ता कर पेश की स्मार्ट मीटर की विस्तृत रिपोर्ट


                 MD बोले- स्मार्ट मीटर की 98 प्रतिशत शिकायतें निस्तारित:उपभोक्ताओं को किया जा रहा जागरूक, प्रेसवार्ता कर पेश की स्मार्ट मीटर की विस्तृत रिपोर्ट

MD बोले- स्मार्ट मीटर की 98 प्रतिशत शिकायतें निस्तारित:उपभोक्ताओं को किया जा रहा जागरूक, प्रेसवार्ता कर पेश की स्मार्ट मीटर की विस्तृत रिपोर्ट

केंद्र सरकार भले ही स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता खत्म करने की बात कर रही हो लेकिन डिस्कॉम का पूरा फोकस स्मार्ट मीटर को बढ़ावा देने पर है। यहां अफसर स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता से जुड़े मुद्दे पर प्रतिक्रिया देने से भी बच रहे हैं। उन्होंने मामले को रूल्स और रेग्यूलेशन के बीच लटका दिया है। बुधवार को PVVNL डिस्कॉम पर बुलाई गई प्रेसवार्ता के दौरान MD रवीश गुप्ता भी स्मार्ट मीटर व्यवस्था का गुणगान करते दिखे। उन्होंने पूरी व्यवस्था से जुड़ी रिपोर्ट पढ़ डाली लेकिन अनिवार्यता के प्रश्न पर कोई जवाब नही दे सके। त्वरित हो रहीं शिकायत निस्तारित
MD रवीश गुप्ता ने बताया कि स्मार्ट मीटर से जुड़ी जो शिकायत विभाग के पास पहुंच रही हैं, उनमें 98 प्रतिशत शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है। वर्तमान में इस तरह की कोई शिकायत लंबित नहीं हैं। कोशिश यही की जा रही है कि शिकायत आते ही उसका हल निकाला जाए। रिकनेक्शन से जुड़ी शिकायत भी शून्य
रवीश गुप्ता ने बताया कि वर्तमान में रिकनेक्शन की लंबित शिकायतों की संख्या शून्य के करीब है। इससे स्पष्ट है कि डिस्कॉम तकनीक की मदद से उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति प्रदान करने को लेकर कटिबद्ध है। इस व्यवस्था को और ज्यादा प्रभावी बनाने पर फोकस किया गया है। बिल प्रक्रिया को बनाया गया पारदर्शी
MD ने कहा कि स्मार्ट मीटर में माइनस (-) बिल को लेकर उपभोक्ता ज्यादा परेशान हैं। इसके लिए अधिकारी ऐसे उपभोक्ताओं से स्वयं संवाद कर उनकी समस्या का समाधान उन्हें दे रहे हैं। पूरी व्यवस्था पारदर्शी कर दी गई है। बिल रिवीजन जैसे मामले भी घटते जा रहे हैं। SMS गेटवे की निरंतर मॉनीटरिंग
PVVNL MD ने एसएमएस व्यवस्था पर भी गंभीरता दिखाई। उन्होंने कहा कि यह शिकायत मिल रही थी कि एसएमएस व्यवस्था का लाभ उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा है। अब इस व्यवस्था की चौकसी कराई जा रही है। एसएमएस गेटवे की निरंतर मॉनीटरिंग को इसका आधार बनाया गया है। ताकि बैलेंस जैसे अलर्ट समय पर मिल सकें। ऐप से रखें हर यूनिट का हिसाब
निदेशक (वाणिज्य) संजय जैन ने बताया कि उपभोक्ता अगर बिजली की खपत का ख्याल रखना चाहते हैं तो वह अपने मोबाइल में UPPCL का स्मार्ट ऐप रखें। इसमें उपभोक्ता को ना केवल हर दिन की बल्कि हर घंटे की यूनिट का हिसाब मिल जाएगा। इसी पर रिचार्ज का विकल्प भी दिया गया है ताकि बैलेस खत्म होने से पहले वह रिचार्ज कर लें। जनजागरुकता पर भी फोकस
मुख्य अभियंता (वाणिज्य) पीके सिंह ने बताया कि स्मार्ट मीटर को लेकर जनजागरुकता पर भी फोकस किया गया है। उपभोक्ता के मीटर लगते ही उन्हें जानकारी से जुड़ा पम्फ्लेट तो दिया ही जा रहा है, साथ ही एक स्टीकर भी मीटर के नीचे लगाया जा रहा है जिसमें सभी महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध है।


Source: Dainik Bhaskar via DNI News

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