
Iran का पलटवार: Supreme Leader खामेनेई की गंभीर हालत की खबरें झूठी, बताया Western साजिश
ईरान से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसमें देश के सर्वोच्च नेता की सेहत को लेकर फैल रही अफवाहों पर सरकार ने साफ प्रतिक्रिया दी है। ईरान सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमेरिका और पश्चिमी मीडिया में चल रही उन खबरों को खारिज कर दिया है, जिनमें सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैय्यद मोजतबा खामेनेई की हालत गंभीर बताई जा रही थी।
मौजूद जानकारी के अनुसार, ईरान के विशेषज्ञों की सभा के सदस्य और सर्वोच्च नेता के कार्यालय में अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप प्रमुख अयातुल्ला मोहसिन कोमी ने कहा कि यह सब एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है। उनका कहना है कि पश्चिमी देश जानबूझकर इस तरह की अफवाहें फैलाते हैं ताकि ईरान की प्रतिक्रिया को भांपा जा सके और उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव में लाया जा सके।
बता दें कि अयातुल्ला मोहसिन कोमी ने यह भी स्पष्ट किया कि अयातुल्ला सैय्यद मोजतबा खामेनेई पूरी तरह स्वस्थ हैं और देश के महत्वपूर्ण मामलों की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह बातचीत और सैन्य स्थिति से जुड़े फैसलों में सीधे तौर पर शामिल हैं और लगातार दिशा-निर्देश दे रहे हैं।
गौरतलब है कि हाल ही में हुए हमले को लेकर भी कई तरह की खबरें सामने आई थीं। कोमी ने पुष्टि की कि जिस इमारत पर हमला हुआ था, उसमें मोजतबा खामेनेई मौजूद थे, लेकिन विस्फोट से कुछ मिनट पहले ही वह वहां से बाहर निकल गए थे, जिससे उनकी जान बच गई। उन्होंने इसे ईश्वर की कृपा बताते हुए कहा कि देश के लिए उनका सुरक्षित रहना बेहद महत्वपूर्ण है।
वहीं दूसरी ओर, कुछ अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि हमले के बाद खामेनेई को गंभीर चोटें आई हैं, जिनमें हाथ की सर्जरी, चेहरे पर जलने के निशान और कृत्रिम पैर की जरूरत जैसी बातें शामिल थीं। हालांकि ईरानी अधिकारियों ने इन सभी दावों को पूरी तरह निराधार बताया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, ईरान का नेतृत्व इस समय सबसे ज्यादा ध्यान सर्वोच्च नेता की सुरक्षा पर दे रहा है, क्योंकि वर्तमान हालात में उनका नेतृत्व देश के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। कोमी ने कहा कि तमाम चुनौतियों के बावजूद खामेनेई स्थिति पर पूरी पकड़ बनाए हुए हैं और देश का संचालन प्रभावी तरीके से कर रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच यह भी सामने आया है कि हाल के हमलों के बाद से खामेनेई सार्वजनिक रूप से कम दिखाई दे रहे हैं, जिससे अटकलों को और बल मिला है। हालांकि ईरानी सरकार ने इसे सुरक्षा कारणों से उठाया गया कदम बताया है और अफवाहों को सिरे से खारिज किया है।
Source: Prabha Sakshi via DNI News

Leave a Reply