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BRICS | कूटनीति में दर्द का संदेश! जिस विमान से Abbas Araghchi आए दिल्ली, उसका नाम बयां कर रहा है युद्ध की खौफनाक दास्तान

BRICS | कूटनीति में दर्द का संदेश! जिस विमान से Abbas Araghchi आए दिल्ली, उसका नाम बयां कर रहा है युद्ध की खौफनाक दास्तान

BRICS | कूटनीति में दर्द का संदेश! जिस विमान से Abbas Araghchi आए दिल्ली, उसका नाम बयां कर रहा है युद्ध की खौफनाक दास्तान

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची दो-दिवसीय BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए बुधवार को नई दिल्ली पहुंचे। अराघची की यह तीन-दिवसीय यात्रा न केवल कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि उनके विमान का नाम “Minab168” चर्चा का विषय बना हुआ है। अराघची जिस विमान से दिल्ली पहुंचे, उसका नाम ‘Minab168’ ईरान के एक गहरे जख्म का प्रतीक है। यह नाम ईरान-US-इजरायल युद्ध के दौरान दक्षिणी ईरानी शहर मिनाब के एक स्कूल पर हुए मिसाइल हमले की याद दिलाता है, जिसमें 168 स्कूली छात्राओं की मौत हो गई थी। इस प्रतीकात्मक विमान से यात्रा कर ईरान ने वैश्विक मंच पर युद्ध की विभीषिका का संदेश देने की कोशिश की है। ईरान और US-इजरायल के बीच दो महीने से जारी भीषण युद्ध के बाद तेहरान की ओर से यह पहला उच्च-स्तरीय अंतरराष्ट्रीय राजनयिक संपर्क है।

अराघची जयशंकर के साथ बातचीत करेंगे

14 और 15 मई को होने वाली दो-दिवसीय वार्ता की अध्यक्षता विदेश मंत्री एस. जयशंकर करेंगे। बहुपक्षीय वार्ता में भाग लेने के अलावा, अराघची के अपने भारतीय समकक्ष जयशंकर के साथ विस्तृत द्विपक्षीय चर्चा करने की भी उम्मीद है, जिसमें ईरान के साथ US-इजरायल संघर्ष से उत्पन्न बढ़ते तनाव का मुद्दा एजेंडे में सबसे ऊपर रहने की संभावना है।

दोनों नेताओं ने इससे पहले पश्चिम एशिया में चल रही उथल-पुथल के संबंध में कम से कम चार उच्च-स्तरीय चर्चाएं की थीं, जिनमें अराघची ने अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की रक्षा के लिए BRICS सहयोग की वकालत की थी, और साथ ही तेहरान के “आत्मरक्षा के वैध अधिकार” की भी पुष्टि की थी।

अराघची और BRICS सदस्य देशों के अन्य विदेश मंत्री गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे।

अराघची के एजेंडे में क्या है?

अराघची और जयशंकर के बीच होने वाली द्विपक्षीय वार्ता में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास की स्थिति का मुद्दा प्रमुखता से उठने की उम्मीद है। इस मामले से परिचित लोगों ने समाचार एजेंसी PTI को बताया कि नई दिल्ली इस रणनीतिक जलमार्ग से शेष व्यापारिक जहाजों के सुरक्षित मार्ग के लिए ज़ोर दे सकता है।

पश्चिम एशिया में गहराता संकट और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर इसका प्रभाव BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में होने वाली चर्चाओं में मुख्य मुद्दा रहने की उम्मीद है। 

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Source: Prabha Sakshi via DNI News

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