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BHU में संविदा कर्मचारियों ने निकाला कैंडल मार्च:8वें दिन भी जारी रहा अनिश्चितकालीन धरना, विश्वविद्यालय ने कहा- काम नहीं तो वेतन नहीं के तहत होगी कार्रवाई
काशी हिंदू विश्वविद्यालय में संविदा कर्मचारी एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का स्थायीकरण की मांग को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण प्रदर्शन आज 8वें दिन भी जारी रहा। लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल सामने नहीं आई है। इससे कर्मचारियों में निराशा के साथ-साथ आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से विश्वविद्यालय की सेवा में कार्यरत हैं, लेकिन उन्हें स्थायी कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया गया है। ऐसे में उनकी नौकरी असुरक्षित बनी हुई है और उन्हें कई बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित रहना पड़ता है। कर्मचारियों की मुख्य मांग है कि उन्हें शीघ्र स्थायी किया जाए, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके। प्राक्टोरियल बोर्ड ने नहीं दिया मार्च निकलने का आदेश आंदोलन के 8वें दिन भी कर्मचारियों ने पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से उन्हें परिसर में बड़े स्तर पर प्रदर्शन या जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी गई। इसी कारण कर्मचारियों को पिछले दो दिनों से मधुबन परिसर के भीतर ही सीमित दायरे में अपने कार्यक्रम आयोजित करने पड़ रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि वे पहले विश्वविद्यालय परिसर में पैदल मार्च निकालने की योजना बना रहे थे, लेकिन प्रशासन से अनुमति न मिलने के कारण उन्हें अपना कार्यक्रम बदलना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और मधुबन परिसर के भीतर ही पैदल मार्च निकालकर अपनी एकजुटता और संघर्ष की भावना को प्रदर्शित किया। सपा कांग्रेस का मिला है समर्थन प्रदर्शन में शामिल एक कर्मचारी ने कहा, “हम लोग किसी तरह का टकराव नहीं चाहते हैं। हम सिर्फ अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं। हम वर्षों से यहां काम कर रहे हैं, लेकिन आज भी अस्थायी स्थिति में हैं। हमारी मांग है कि हमें स्थायी किया जाए और हमारा भविष्य सुरक्षित किया जाए।” वहीं, एक अन्य कर्मचारी ने बताया कि अगर उनकी मांगों पर जल्द ही कोई निर्णय नहीं लिया गया, तो वे आंदोलन को और तेज करने पर मजबूर होंगे। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में वे आमरण अनशन जैसे कठोर कदम उठाने पर विचार कर सकते हैं।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
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