
समुद्री डकैती जैसा अपराध…भारत के जहाज पर हमला देख भयंकर भड़का UAE
बीते दिनों ओमान के पास भारतीय झंडे वाले जहाज हाजी अली पर हमले की खबर सामने आई जिसे लेकर भारत ने बड़े-कड़े शब्दों में संदेश दिया कि ऐसा कोई भी हमला पूरी तरीके से अनएक्सेप्टेबल है और इस हमले को लेकर अब भारत के दोस्त यूएई की तरफ से भी बड़ा संदेश सामने आ रहा है। जहां संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। यूएई ने ओमान के तट के पास भारतीय जहाज को निशाना बनाए जाने की घटना को सबसे कड़े शब्दों में निंदा की है। यूएई के विदेश मंत्रालय ने इस हमले को आतंकी हमला करार दिया है और कहा कि यह समुद्री सुरक्षा और व्यापारिक जहाजों की आवाजाही के लिए एक बड़ा खतरा है। दरअसल यूएई के मिनिस्ट्री ऑफ़ फॉरेन अफेयर्स ने बयान जारी करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी है। इस बयान में उन्होंने आगे बताया कि कमर्शियल शिपिंग को निशाना बनाना, स्ट्रेट ऑफ हार्मोस जैसे अहम समुद्री रास्तों का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए करना समुद्री डकैती यानी पायरेसी जैसा एक अपराध है।
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यूएई ने भारत के साथ एकजुटता दिखाते हुए कहा है कि भारतीय जहाजों और भारत के हितों की सुरक्षा के लिए उठाए जाने वाले हर कदम का समर्थन यूएई करता है। यूएई ने यह भी कहा है कि ऐसे हमले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषदों के प्रस्तावों का उल्लंघन है और इससे पूरे क्षेत्र की स्थिरता खतरे में पड़ सकती है। दरअसल यह पूरा मामला भारतीय फ्लैग वाले कारगो जहाज हाजी अली पर हुए हमले से जुड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह जहाज सोमालिया से यूएई की ओर बढ़ रहा था और उस पर पशु लदे हुए थे। जहां गल्फ ऑफ ओमान के पास जहाज पर अचानक ड्रोन या मिसाइल से हमला हुआ है। जिसके बाद जहाज पर भीषण आग लग गई और आग के कारण जहाज समुद्र में डूब गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि जहाज पर मौजूद सभी 14 भारतीय क्रू मेंबर्स को ओमान कोस्ट गार्ड ने सुरक्षित बचा लिया और उन्हें डीबा पोर्ट पहुंचाया गया है।
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इस घटना के बाद भारत सरकार ने भी कड़ा रुख अपनाया। विदेश मंत्रालय यानी एमए के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस हमले को अनएक्सेप्टेबल करार दिया है। भारत ने कहा कि लगातार कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाया जाना गंभीर चिंता का विषय है और इससे निर्दोष नागरिकों की जान खतरे में पड़ रही है। भारत ने साफ कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और नेविगेशन की स्वतंत्रता में बाधा नहीं डाली जानी चाहिए। मिडिल ईस्ट और गल्फ के इलाके में तनाव के बीच भारतीय जहाजों पर हमले की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक फरवरी से अब तक कई भारतीय जहाजों को निशाना बनाया जा चुका है। वहीं करीब इस वक्त 13 भारतीय जहाज मौजूदा वक्त में पर्शियन गल्फ के इलाके में फंसे हुए हैं और स्टेट ऑफ हार्मोस दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से जो एक है। जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल और गैस सप्लाई गुजरता है। वहां पर भी दबाव और तनाव जैसी स्थिति बनी हुई है। ऐसे में इस इलाके में बढ़ता तनाव, वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर भी बड़ा असर डाल रहा है। यूएई की तरफ से यह बयान तब सामने आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब पांच देशों की विदेश यात्रा पर जाने वाले हैं। जहां सबसे पहले वो यूएई पहुंचेंगे जिसके लिए वह आज रवाना हो चुके हैं। भारत और यूएई के संबंध काफी बेहतर हैं।
Source: Prabha Sakshi via DNI News

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