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शाहजहांपुर में दुर्गा मंदिर कॉरिडोर के लिए हटेगा अतिक्रमण:दुकानदारों के आगे रोजी-रोटी का संकट; बोले-मुआवजा भी नहीं, परिवार कैसे चलाएंगे
शाहजहांपुर में चौक कोतवाली के दुर्गा मंदिर कॉरिडोर का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। मंदिर के आसपास सड़क चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण के लिए अतिक्रमण हटाने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों ने दुकानदारों को तीन दिन के भीतर अतिक्रमण हटाने की मोहलत दी है। जिसमे दो दिन बीत गए हैं। यह कॉरिडोर चौक कोतवाली क्षेत्र की मंडी में दुर्गा माता मंदिर के पास बनाया जा रहा है। इसकी अनुमानित लागत करीब सवा करोड़ रुपये है, जिसमें से पहली किश्त के रूप में 25 लाख रुपये जारी किए जा चुके हैं। परियोजना का उद्देश्य सड़क को चौड़ा करने, सौंदर्यीकरण करने और विद्युत व्यवस्था को बेहतर बनाना है, ताकि मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा हो। कॉरिडोर निर्माण के दायरे में मंदिर के आसपास करीब दो दर्जन दुकानें आ रही हैं, जो कई दशकों से यहां संचालित हो रही हैं। इनमें पक्के निर्माण वाली दुकानें और फुटपाथ पर लगी दुकानें शामिल हैं। दुकानदारों का कहना है कि उनकी दुकानें कई दशक पुरानी हैं और अगर इन्हें हटा दिया गया, तो वे अपने परिवार का भरण-पोषण कैसे करेंगे। सोमवार को एडीएम अरविंद कुमार ने अधिकारियों के साथ कॉरिडोर का निरीक्षण किया। उन्होंने दुकानदारों से अपील करते हुए कहा कि वे तीन दिन के भीतर स्वयं अतिक्रमण हटा लें। एडीएम ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो उसे जेसीबी से हटाया जाएगा। अधिकारियों की इस चेतावनी के बाद मंदिर के आसपास के दुकानदार परेशान हैं। उन्हें अपनी रोजी-रोटी का संकट सता रहा है। एक दुकानदार ने बताया कि उन्होंने पहले एक मंत्री से मुलाकात की थी, जिन्होंने आश्वासन दिया था कि कुछ नहीं होगा, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। दुकानदार आदित्य देवल ने बताया कि मेरी तीसरी पुश्त से दुकान लगती आ रही है। ये दुकान अगर मेरी हटा दी गई तो हम अपने परिवार का पालन पोषण कैसे करेंगे। मुआवजे की भी कोई बात नही कही गई है। ऐसे में पूरा परिवार बहुत परेशान है।
दुकानदार रवि ने बताया कि इस दुकान में चार पीढ़ी से बैठ रहे हैं। इधर उधर से पैसा लेकर इस दुकान में लगाया हुआ है। सहालक का समय है। बहुत समस्या अब सामने आ गई हैं। दुकानदार मोनू ने बताया कि कुछ न कुछ तो करना ही होगा। परिवार तो जैसे तैसे भी चलाना है। करीब तीस साल से हम यहां पर बैठ रहे हैं। मेरी तीसरी पीढ़ी है ।मेरी कोई दूसरी दुकान नही है। अब यही आखिरी सहारा है। कुछ समय पहले मंत्री जी से मुलाकात की थी। तब उन्होंने कहा था कि कुछ नही होगा।
एक दुकानदार नीरज कुमार ने कहा कि इस दुकान में पहले मेरी दादी बैठती थी फिर मेरे पापा बैठे और अब हम बैठ रहे हैं। हम सिर्फ तीन फीट के चबूतरे पर बैठे हैं जो मंत्री जी ने बनवाकर दिया था ।अंदर दुकान मेरी चलती नही थी। अगर मेरी दुकान हटाई जा रही है तो उस गली को खोल दिया जाए। ताकि हमारा धंधा चलता रहे। अगर ये दुकान हटा दी तो हम रोजी रोटी के लिए कंगाल हो जाएंगे ।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
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