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लखीमपुर आंबेडकर प्रतिमा विवाद- 8 नामजद, 200 अज्ञात पर केस:पीड़िता बोली- पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश, 2 कारें जलाई, 9 तोड़ीं, 5 घंटे चला उपद्रव
यूपी के लखीमपुर-खीरी में आंबेडकर जयंती के दिन प्रतिमा स्थापना को लेकर हुए विवाद में पुलिस ने ग्राम प्रधान समेत 8 नामजद और करीब 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने वीडियो फुटेज और पीड़ित महिला की तहरीर के आधार पर यह कार्रवाई की है। लिखित शिकायत में पीड़ित महिला चंदा देवी ने आरोप लगाया है- बिना अनुमति आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने पर उन्होंने बस विरोध किया था। इसी बात पर हमलावरों ने उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। कपड़े तक फाड़ डाले। शरीर पर पेट्रोल उड़ेलकर हमलावरों ने मुझे जिंदा जलाने की कोशिश की। जिससे वे बेहोश हो गईं। बता दें कि मैलानी थाना क्षेत्र के ग्राम मोतीपुर में सोमवार शाम आंबेडकर जयंती के दिन प्रतिमा स्थापना को लेकर विवाद हो गया था। बिना अनुमति प्रतिाम स्थापित करने की शिकायत पर पुलिस-प्रशासन की टीमें मूर्ति को हटाने पहुंची थीं। तभी दो दलित गुटों में मारपीट हो गई। भीड़ ने नायब तहसीलदार और चौकी प्रभारी की कारों में आग लगा दी। सीओ समेत 9 कारों को लाठियां और पत्थर बरसाकर चकनाचूर कर दिया। इसके अलावा शिकायत करने वाली महिला म्यकूपुर (बांकेगंज) निवासी चन्दा देवी को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। 5 घंटे बाद हालात हुए काबू देर रात करीब 1:30 बजे दैनिक भास्कर की टीम ने मौके का जायजा लिया। इस दौरान क्षेत्राधिकारी पलिया, क्षेत्राधिकारी मितौली यदुवेंद्र यादव और क्षेत्राधिकारी गोला सहित कई थानों का भारी पुलिस बल तैनात था। उपजिलाधिकारी (एसडीएम) प्रतीक्षा त्रिपाठी भी प्रशासनिक टीम के साथ मौके पर सक्रिय दिखीं। उपद्रवियों द्वारा जलाई गई गाड़ियों को हटवाकर मार्ग साफ कराने का कार्य भी किया गया। एसडीएम प्रतीक्षा त्रिपाठी ने बताया कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है। घटना के संबंध में पीड़ित पक्ष और पुलिस की ओर से मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है और प्रशासन मौके पर डटा रहकर हालात को सामान्य बनाए रखने का प्रयास कर रहा है। नायब तहसीलदार भानु प्रताप की जली हुई कार के पास मौजूद पुलिसकर्मी विजेंद्र पाल गंगवार ने, जो घटना के समय मौके पर उपस्थित थे, पूरी घटना का विवरण दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद क्षेत्र में संभावित तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है। पहले घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए… अब विस्तार से पढ़िए… गांव के लोगों ने मूर्ति स्थापित की थी, छीना-झपटी में टूटी
गोला गोकर्ण थाना क्षेत्र के बांकेगंज में मोतीपुर गांव है। इस गांव में दलित वर्ग के गौतम और भार्गव समाज के लोग रहते हैं। डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जयंती पर मंगलवार को गांव में भंडारा चल रहा था। यह आयोजन गौतम समाज ने किया था, जो भीम आर्मी को सपोर्ट करता है। यहां कई सालों से खाली पड़ी बौद्ध विहार की भूमि पर डॉक्टर अंबेडकर की मूर्ति स्थापित की जानी थी। ग्राम प्रधान वीरेंद्र गौतम भी मौजूद थे। दोपहर करीब 12 बजे प्रधान वीरेंद्र गौतम कार्यक्रम से चले गए। उनके जाने के बाद मूर्ति गांव वालों ने स्थापित कर दी। मूर्ति स्थापना के बाद गांव के लोग रैली में चले गए। मौके पर केवल महिलाएं मौजूद थीं। ग्रामीणों का आरोप है कि शाम 4 बजे बांकेगंज की रहने वाली भार्गव समाज की चंदा देवी पुलिस को लेकर आईं। उन्होंने बिना परमिशन मूर्ति स्थापना का विरोध किया। यह देखकर पहले से मौजूद महिलाएं भी विरोध में आ गईं। पुलिस ने मूर्ति हटवाना चाहा, इसी बीच छीना-झपटी शुरू हो गई और मूर्ति टूट गई। महिलाओं ने आरोप लगाया कि मूर्ति को बचाने के प्रयास में पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया। गुस्साए ग्रामीणों ने महिला को पीटा आरोप है कि मूर्ति टूटने और लाठीचार्ज की घटना से लोगों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने बांकेगंज चौकी इंचार्ज संतोष तिवारी और चंदा देवी के खिलाफ नाराजगी जताई। इस दौरान ग्रामीणों ने चंदा देवी की पिटाई शुरू कर दी। पुलिस ने घेरा बनाकर चंदा को बड़ी मुश्किल से बचाया। भीड़ ने कई गाड़ियों में आग लगाई भीड़ ने सीओ गोला रमेश तिवारी, नायब तहसीलदार भानु प्रताप सिंह, संसारपुर चौकी इंचार्ज जितेंद्र सिंह की गाड़ियों में तोड़फोड़ की। फिर उनमें आग लगा दी। सड़क पर खड़ी पास के ग्राम पंचायत ग्रंट नंबर 3 के प्रधान के बेटे सुखवीर सिंह की बोलेरो में भी तोड़फोड़ की गई। पुलिस को हालात संभालने में करीब 5 घंटे लग गए। पुलिस का कहना है कि ग्रामीणों के पास मूर्ति स्थापित करने की कोई अनुमति नहीं थी। इसे जबरन विवादित जगह पर रखा गया था। ग्राम प्रधान, राजस्व विभाग और पुलिस के अधिकारियों ने मीटिंग की है। लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। पीड़िता बोली- पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश मामले को लेकर पीड़ित महिला चंदा देवी ने पुलिस को लिखित शिकायत में आरोप लगाया- बिना अनुमति आंबेडकर की मूर्ति लगाने का उन्होंने विरोध किया था। जिसे लेकर करीब 200 लोगों ने उन पर हमला बोल दिया था। दौड़ा-दौड़ाकर बुरी तरह पीटा। कपड़े तक फाड़ दिये। हमलावरों ने उन पर पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश भी की थी। 8 नामजद, 200 अज्ञात पर केस एसपी डॉ. ख्याति गर्ग ने बताया- इस मामले में घटना के बरामद वीडियो फुटेज और पीड़ित की लिखित शिकायत के आधार पर 8 नामजद समेत 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। नामजद आरोपियों में ग्राम प्रधान वीरेंद्र काशीराम, ग्राम प्रधान का मुंशी, जैपाल, वीरपाल, रामधनी, अवधेश (जैपाल का पुत्र), कौशल (रामप्रसाद का पुत्र) और गुड़िया (जैपाल की पुत्री) शामिल हैं। अज्ञात हमलावरों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है। डीएम और एसपी मौके पर
जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल, पुलिस अधीक्षक डॉ ख्याति गर्ग, एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह, एएसपी पवन गौतम, अमित कुमार राय पुलिस बल के साथ स्वयं मौके पर हैं। क्षेत्र में अब शांति है। माहौल बिगाड़ने वालों को चिन्हित किया जा रहा है। ASP अमित कुमार बोले- मौके पर शांति व्यवस्था है
अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) अमित कुमार राय ने कहा- आज बाकेगंज में अंबेडकर जयंती पर एक कार्यक्रम आयोजित होना था। बाबा साहेब के चित्र पर माल्यार्पण होना था। इस बीच कुछ लोगों ने मूर्ति स्थापित करने का प्रयास किया। पुलिस ने रोकने का प्रयास किया। कुछ लोगों ने पुलिस से झड़प कर पत्थरबाजी की। पुलिस ने तुरंत लोगों को समझाया और उपद्रवियों को खदेड़ा गया। मौजूदा समय में मौके पर शांति व्यवस्था बनी हुई है। ———— यह 2 खबरें भी पढ़िए- नोएडा में 2 दिन बवाल के बाद फैक्ट्रियां खुलीं:फोर्स तैनात, CCTV-ड्रोन से निगरानी; DM बोलीं- उपद्रव हुआ तो एजेंसी का लाइसेंस रद्द होगा
नोएडा में 2 दिन हुए बवाल के बाद आज फैक्ट्रियां खुल गई हैं। हालात सामान्य हैं। जगह-जगह फोर्स तैनात है। CCTV और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। 16 कंपनी RAF और पीएसी लगाई गई है। कंपनियों के बाहर सैलरी हाईक के नोटिस चस्पा किए गए हैं। डीएम मेधा रुपम ने कहा- अगर कोई आउटसोर्सिंग एजेंसी या उसका कर्मचारी गड़बड़ी या उपद्रव करता है तो उसकी जिम्मेदारी एजेंसी की भी होगी। ऐसी स्थिति में एजेंसी को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। उसका लाइसेंस भी रद्द हो सकता है। पढ़ें पूरी खबर…
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
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