यूपी में अगला लोकसभा चुनाव 120 सीटों पर होगा:अभी 80 सीटें हैं, परिसीमन आयोग बनने के बाद होगा बदलाव


                 यूपी में अगला लोकसभा चुनाव 120 सीटों पर होगा:अभी 80 सीटें हैं, परिसीमन आयोग बनने के बाद होगा बदलाव

यूपी में अगला लोकसभा चुनाव 120 सीटों पर होगा:अभी 80 सीटें हैं, परिसीमन आयोग बनने के बाद होगा बदलाव

नई दिल्ली में संसद का विशेष सत्र कल (गुरुवार) से शुरू हो रहा है। सरकार परिसीमन आयोग बनाने और 131वां संविधान संशोधन बिल पेश करने वाली है। अगर ये दोनों बिल सदन 2 तिहाई बहुमत से पास होते हैं, तो 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर यूपी की तस्वीर भी साफ हो जाएगी। लोकसभा में यूपी की सीटें 80 से बढ़ाकर 120 की जा सकती हैं। वहीं, विधानसभा की सीटें 403 से बढ़कर 550-600 तक पहुंच सकती हैं। यूपी में लोकसभा सीटों की संख्या समय-समय पर परिसीमन आयोग की सिफारिशों के आधार पर बढ़ाई गई हैं। पढ़िए खास रिपोर्ट… 131वां संविधान संशोधन क्या है? संविधान संशोधन बिल में लोकसभा की सीटें 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव है। इसमें राज्यों के लिए अधिकतम 815 और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए 35 सीटें होंगी। सीटों की संख्या तय करने के लिए परिसीमन आयोग बनेगा। किस राज्य में कितनी सीटें होगी, यह भी आयोग ही तय करेगा। सूत्रों के मुताबिक, नए परिसीमन में 2011 की जनगणना को आधार माना जाएगा। जनसंख्या के आधार पर ही सीटों के बंटवारा तय होगा। 2011 में यूपी की आबादी देश की कुल आबादी का 16% थी। इस लिहाज से अगर लोकसभा में राज्यों के लिए लोकसभा की सीटें 835 होंगी, तो जनसंख्या के लिहाज से यूपी में ये 80 से बढ़कर 120 से 130 तक हो सकती हैं। महिलाओं के लिए 40 सीटें आरक्षित होंगी नए परिसीमन के बाद यूपी में अगर लोकसभा की सीटें 120 तक पहुंचीं, तो उनमें 33% सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व होंगी। यानी 40 सीटों पर सिर्फ महिला सांसद चुनी जाएंगी। इससे राजनीतिक दलों की महिला कार्यकर्ताओं को भी संसद में जाने का मौका मिलेगा। विधानसभा की सीटें 600 तक बढ़ेंगी जानकारों का मानना है कि यूपी विधानसभा की मौजूदा सीटों की संख्या 1971 की जनगणना पर आधारित है। बीते 55 सालों में आबादी बहुत बढ़ गई है। 2026 में यूपी की अनुमानित आबादी 24.82 करोड़ आंकी गई है। साढ़े पांच दशकों में गांवों से शहरों की ओर पलायन भी बहुत ज्यादा हुआ है। शहरों की संख्या बढ़ी है। यूपी में औसतन एक विधानसभा क्षेत्र में 4 लाख से ज्यादा मतदाता हैं। हालांकि हाल ही में हुए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में मतदाताओं की संख्या में कमी आई है। फिर भी यूपी के विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या अन्य प्रदेशों से ज्यादा है। आबादी के हिसाब से सीटें बढ़ाने और मौजूदा विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं का भार कम करने का फार्मूला लागू होने पर यहां विधानसभा सीटें 550 से 600 तक हो जाएंगी। इनमें भी महिलाओं के लिए 33% सीटें (181 से लेकर 198 तक) आरक्षित होंगी। 2032 से विधानसभा चुनाव की सीटें बढ़ सकती हैं
2027 में विधानसभा चुनाव 403 सीटों पर ही होगा, लेकिन 2032 के विधानसभा चुनाव में सीटों की संख्या बढ़ जाएगी। जानकारों का मानना है कि अगर वन नेशन-वन इलेक्शन लागू हो गया, तो 2032 से पहले ही यूपी में विधानसभा की सीटें बढ़ जाएंगी। विधानसभा में अभी 12% महिला विधायक
यूपी विधानसभा में अभी 403 में सीटों के मुकाबले 51 महिला विधायक हैं। इनमें भाजपा की 30, समाजवादी पार्टी की 15, अपना दल (एस) की 4, रालोद की एक और कांग्रेस की एक महिला विधायक हैं। एक ही लोकसभा क्षेत्र के दायरे में होंगे विधानसभा क्षेत्र
नए परिसीमन के बाद राजनीतिक दलों की बड़ी समस्या का समाधान होगा। यूपी के कई लोकसभा क्षेत्र ऐसे हैं, जिनके विधानसभा क्षेत्र एक से अधिक जिलों की सीमा में है। नए परिसीमन में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि लोकसभा क्षेत्र के अधीन जितने भी विधानसभा क्षेत्र हों, वह एक ही जिले की सीमा में हो। एक विधानसभा क्षेत्र को दो लोकसभा क्षेत्रों के बीच बंटवारा भी नहीं होगा। ————————– यह खबर भी पढ़ें – नोएडा बवाल- RJD की 2 महिला प्रवक्ताओं पर FIR, गलत VIDEO पोस्ट कर माहौल बिगाड़ने का आरोप नोएडा में 2 दिन हुए बवाल के बाद आज यानी बुधवार को फैक्ट्रियां खुल गई हैं। हालात सामान्य हैं। जगह-जगह फोर्स तैनात है। CCTV और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। 16 कंपनी RAF और पीएसी लगाई गई है। नोएडा सेक्टर 63, 84, 85, 80, फेस 2 में पुलिस ने फ्लैगमार्च किया। पढ़िए पूरी खबर…


Source: Dainik Bhaskar via DNI News

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