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नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर छात्राओं ने निकाली पदयात्रा:एमएलके कॉलेज में बनी मानव श्रृंखला, जिला पंचायत अध्यक्ष रहीं मौजूद
बलरामपुर के एम.एल.के. पी.जी. कॉलेज में बुधवार को नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रचार-प्रसार के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। एनसीसी कैडेटों और राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवकों के नेतृत्व में हुई इस पहल में नारी शक्ति पदयात्रा, मानव श्रृंखला का निर्माण और विभिन्न जागरूकता गतिविधियां शामिल थीं। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य प्रो. जे. पी. पाण्डेय की अध्यक्षता में हुआ। इसमें जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी और भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मिश्र मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि आरती तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि देश की आधी आबादी को शासन और नीति निर्धारण में उचित प्रतिनिधित्व देना आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं को केवल सहभागी ही नहीं, बल्कि नेतृत्वकर्ता की भूमिका में भी आगे आना चाहिए। इससे भारतीय लोकतंत्र अधिक संवेदनशील और समावेशी बनेगा।
प्राचार्य प्रो. जे. पी. पाण्डेय ने अतिथियों का स्वागत करते हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम (106वां संविधान संशोधन) के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस कानून का उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित कर उनकी राजनीतिक भागीदारी बढ़ाना है, जिससे “महिला-नेतृत्व विकास” को नई दिशा मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं, एनसीसी कैडेटों और एनएसएस स्वयंसेवकों ने नगर के प्रमुख मार्गों से जागरूकता पदयात्रा निकाली। यह पदयात्रा महाविद्यालय परिसर में समाप्त हुई। स्टेच्यू हॉल के पास नारी शक्ति दीवार का निर्माण किया गया और मानव श्रृंखला बनाकर महिलाओं की एकजुटता का संदेश दिया गया। अंत में मुख्य नियन्ता प्रो. वीणा सिंह और सांस्कृतिक निदेशक प्रो. रेखा विश्वकर्मा ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के कई प्राध्यापक, एनएसएस अधिकारी, एनसीसी अधिकारी और भाजपा महिला प्रकोष्ठ की पदाधिकारी भी उपस्थित थीं।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
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