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छेड़खानी के दोषी को पांच साल का कारावास:औरैया में डेढ़ साल में फैसला, टाप टेन अपराधी पर 25 हजार जुर्माना
औरैया: बिधूना थाना क्षेत्र में डेढ़ वर्ष पुराने नाबालिग से छेड़खानी के मामले में न्यायालय ने फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने दोषी लल्ली गुप्ता को पांच वर्ष के कठोर कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। दोषी लल्ली गुप्ता को यह सजा परिजनों की उपस्थिति में नाबालिग से छेड़खानी करने के दुस्साहसिक कृत्य के लिए दी गई है। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को देने का भी आदेश दिया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, दोषी लल्ली गुप्ता जनपद का ‘टॉप टेन’ अपराधी है। उसके खिलाफ कुल 20 मुकदमे दर्ज हैं, जो उसके लंबे आपराधिक इतिहास को दर्शाता है। यह घटना 9 अक्टूबर 2024 को हुई थी। वादी ने 10 अक्टूबर 2024 को बिधूना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, वादी के रिश्तेदार तिर्वा में बच्चे का मुंडन कराने गए थे, जिसमें उसकी नाबालिग पोती (पीड़िता) भी शामिल थी। रास्ते में लल्ली गुप्ता ने पीड़िता का हाथ पकड़कर उसके साथ छेड़खानी की। यह दुस्साहसिक कृत्य वादी मुकदमा की उपस्थिति में किया गया था। जब परिजनों ने आरोपी की इस हरकत पर आपत्ति जताई, तो उसने घर के दरवाजे पर आकर फायरिंग की और धमकी भी दी। तहरीर के आधार पर बिधूना थाने में मुकदमा पंजीकृत किया गया। पुलिस ने मामले की विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। इस मामले का विचारण विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम की अदालत में हुआ। बुधवार को इस पर निर्णय सुनाया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो मृदुल मिश्र ने बहस के दौरान कहा कि आरोपी ने परिवारजनों की उपस्थिति में पीड़िता से छेड़खानी कर एक दुस्साहसिक कृत्य किया है। उन्होंने दोषी के लंबे आपराधिक इतिहास और समाज में एक कड़ा संदेश देने के लिए उसे कठोरतम सजा देने की मांग की थी। दोषी को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया है।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
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