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चंदौली में किसान दिवस में डीएम के सामने रखीं समस्याएं:गेहूं बिक्री, मुआवजे और जंगली जानवरों से नुकसान की शिकायतें की
चंदौली कलेक्ट्रेट में बुधवार को जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने खेती-बाड़ी से जुड़ी अपनी समस्याओं को खुलकर सामने रखा और अधिकारियों से सवाल किए। किसान विकास मंच और किसान मजदूर संयुक्त यूनियन ने गेहूं खरीद से संबंधित समस्याओं पर जिलाधिकारी, डिप्टी आरएमओ राघवेंद्र सिंह और उप सहकारिता निबंधक से सवाल किए। किसानों ने बोरों की कमी और किसान आईडी में एक मौजे के अलावा अन्य गाटों को न जोड़ पाने की समस्या उठाई। किसान नेता राधेश्याम पांडेय और रतन सिंह ने शहाबगंज ब्लॉक क्षेत्र में क्रय केंद्रों की संख्या बढ़ाने की मांग की। गेहूं के मुआवजे की मांग को प्रमुखता से उठाया पारसनाथ विश्वकर्मा ने आगजनी से जले हुए गेहूं के मुआवजे की मांग को प्रमुखता से उठाया। किसान विकास मंच के संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने मूसाखांड बांध के पानी को संरक्षित करने के लिए तीन गेटकीपरों की स्थायी नियुक्ति की मांग की, ताकि पानी की बर्बादी रोकी जा सके। उन्होंने खखड़ा ड्रेन, केरायगांव ड्रेन और शिकारगंज उचेहरा माइनर की सफाई के लिए बंधी डिवीजन के अधिशासी अभियंता को भी चेताया। किसानों ने जंगली सूअर, बंदर और भालू द्वारा मैदानी इलाकों में आकर फसलों और जान-माल को नुकसान पहुंचाने की समस्या भी उठाई। इस पर वन विभाग के रेंजर से कहा गया कि जंगलों में फलदार वृक्ष लगाए जाएं, ताकि भोजन की तलाश में जंगली जानवर खेती-बाड़ी को बर्बाद न करें। इस अवसर पर राधेश्याम पांडेय, जय सिंह, रतन सिंह, कमलेश सिंह, राजेश उपाध्याय, पारसनाथ विश्वकर्मा, सारनाथ सिंह, गोपाल सिंह, दीनानाथ श्रीवास्तव सहित कई किसान मौजूद रहे।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
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