घर बैठे करें जनगणना:लखनऊ में BLO, पार्षद, निगम कर्मी और आंगनवाड़ी टीमें मिलकर करेंगी जागरुक


                 घर बैठे करें जनगणना:लखनऊ में BLO, पार्षद, निगम कर्मी और आंगनवाड़ी टीमें मिलकर करेंगी जागरुक

घर बैठे करें जनगणना:लखनऊ में BLO, पार्षद, निगम कर्मी और आंगनवाड़ी टीमें मिलकर करेंगी जागरुक

लखनऊ में जनगणना-2027 के पहले चरण के तहत 7 से 21 मई तक स्व-जनगणना (Self Enumeration) कराई जाएगी। इस बार प्रशासन ने डिजिटल और ग्राउंड टीम का संयुक्त मॉडल तैयार किया है, जिसमें नागरिक खुद घर बैठे जानकारी भरेंगे और बाद में फील्ड टीमें उसका सत्यापन करेंगी। जिलाधिकारी विशाख जी की मॉनिटरिंग में बीएलओ के साथ नगर निगम के पार्षद, कर्मचारी और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को भी लगाया गया है, ताकि कोई भी परिवार छूट न जाए।
मोबाइल से 10–15 मिनट में पूरा होगा प्रोसेस
लखनऊ में अब परिवार का कोई भी एक सदस्य घर बैठे मोबाइल या लैपटॉप से पूरी जानकारी भर सकता है। जिलाधिकारी विशाख जी के निर्देश पर लोगों को डिजिटल माध्यम से जोड़ने पर खास जोर है, ताकि ज्यादा से ज्यादा परिवार खुद अपनी डिटेल भर सकें। इसके बाद बीएलओ सिर्फ वेरिफिकेशन के लिए घर आएंगे। अगर आपको समझ नहीं आ रहा कि वेबसाइट पर क्या करना है, तो यहां पूरा स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस पढ़िए।
सबसे पहले वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करें
स्व-जनगणना के लिए आपको se.census.gov.in पोर्टल खोलना होगा। यहां “Self Enumeration” या “Register” का विकल्प मिलेगा।
अपना मोबाइल नंबर डालकर OTP के जरिए वेरिफिकेशन करना होगा। इसके बाद यूजर आईडी और पासवर्ड बन जाएगा, जिससे आप लॉगिन कर सकेंगे।

लॉगिन करके परिवार का प्रोफाइल बनाएं
लॉगिन करने के बाद सबसे पहले “Household” यानी परिवार का प्रोफाइल बनाना होगा। इसमें आपके घर का पता, मकान का प्रकार, बिजली-पानी जैसी बुनियादी जानकारी भरनी होगी।

परिवार के सभी सदस्यों की जानकारी भरें
अब एक-एक करके घर में रहने वाले सभी सदस्यों का विवरण भरना होगा।
इसमें नाम, उम्र, लिंग, शिक्षा, पेशा, वैवाहिक स्थिति जैसी जानकारी देनी होगी।
ध्यान रखें कि जानकारी सही और पूरी भरें, क्योंकि बाद में इसी का वेरिफिकेशन होगा।

फॉर्म सबमिट करें और यूनिक आईडी सेव करें

सारी जानकारी भरने के बाद “Submit” बटन दबाएं।
सबमिट करते ही एक यूनिक एन्यूमरेशन आईडी (Reference ID) जनरेट होगी।
इसे स्क्रीनशॉट लेकर या लिखकर सुरक्षित रखें, क्योंकि बीएलओ इसी आईडी से आपका डेटा चेक करेगा।

अगर बीच में छूट गया तो बाद में भी पूरा कर सकते हैं
अगर आप एक बार में पूरा फॉर्म नहीं भर पाते हैं, तो “Save Exit” का विकल्प मिलेगा।
आप बाद में फिर लॉगिन करके वहीं से फॉर्म पूरा कर सकते हैं।

BLO कब आएगा और क्या करेगा
आपके फॉर्म भरने के बाद क्षेत्र का बीएलओ आपके घर आकर जानकारी का सत्यापन करेगा।
अगर किसी जानकारी में गलती होगी तो उसे वहीं सुधार दिया जाएगा।
जो परिवार ऑनलाइन फॉर्म नहीं भर पाएंगे, उनका डेटा बीएलओ खुद मौके पर भरेगा।

मदद चाहिए तो क्या करें
अगर वेबसाइट चलाने में दिक्कत आती है, तो अपने क्षेत्र के बीएलओ, नगर निगम कर्मचारी या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से मदद ले सकते हैं।
प्रशासन की ओर से कई जगह हेल्प डेस्क और कैंप भी लगाए जा रहे हैं।

लखनऊ में क्या होगा: दो चरणों में पूरी प्रक्रिया

लखनऊ में स्व-जनगणना दो चरणों में होगी। पहले चरण में परिवार खुद ऑनलाइन पोर्टल se.census.gov.in पर जाकर अपनी जानकारी भरेंगे। दूसरे चरण में बीएलओ और अन्य टीमें घर-घर जाकर इस डेटा का सत्यापन करेंगी और जिन परिवारों ने फॉर्म नहीं भरा, उनका डेटा मौके पर ही दर्ज करेंगी।

कितने BLO लगाए गए हैं
लखनऊ में 1800 की संख्या में बीएलओ तैनात किए गए हैं। आमतौर पर हर बीएलओ को एक बूथ क्षेत्र दिया जाता है, जिसमें करीब 800 से 1200 घर/परिवार आते हैं। यही बीएलओ अपने क्षेत्र के सभी घरों तक पहुंचकर जनगणना का काम पूरा कराएंगे।

नगर निगम और आंगनवाड़ी की भूमिका
इस बार सिर्फ बीएलओ ही नहीं, बल्कि नगर निगम के पार्षद, कर्मचारी और आंगनवाड़ी टीमें भी इस अभियान में शामिल की गई हैं।
पार्षद अपने वार्ड में लोगों को जागरूक करने और निगरानी का काम करेंगे।
नगर निगम कर्मचारी तकनीकी सहयोग और कैंप लगाकर लोगों की मदद करेंगे।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर खासकर महिलाओं और परिवारों को स्व-जनगणना के लिए प्रेरित करेंगी और जरूरत पड़ने पर फॉर्म भरने में मदद भी करेंगी।

एक BLO कितने घर जाएगा
एक बीएलओ को औसतन 800 से 1200 घरों की जिम्मेदारी दी जाती है। वह अपने क्षेत्र में सभी घरों का सर्वे करेगा, चाहे उन्होंने ऑनलाइन स्व-जनगणना की हो या नहीं।

क्या है पूरी प्रक्रिया
सबसे पहले परिवार का एक सदस्य ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर सभी सदस्यों की जानकारी भरेगा। इसके बाद एक यूनिक आईडी जनरेट होगी।
फील्ड में बीएलओ उस आईडी के जरिए जानकारी का सत्यापन करेगा।
अगर किसी परिवार ने ऑनलाइन फॉर्म नहीं भरा है, तो बीएलओ मौके पर ही उनकी जानकारी दर्ज करेगा।
पूरी प्रक्रिया के दौरान डेटा की सटीकता और पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

जागरूकता पर फोकस
रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, बस स्टैंड और वार्ड स्तर पर बैनर-पोस्टर और कार्यशालाओं के जरिए लोगों को जागरूक किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग खुद ऑनलाइन स्व-जनगणना करें।


Source: Dainik Bhaskar via DNI News

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