कानपुर-लखनऊ रूट पर 47 ट्रेनें बंद:50 बसें बढ़ीं, गंगा पुल पर मरम्मत हो रही; हर रोज 450 चक्कर लगा रही बसें


                 कानपुर-लखनऊ रूट पर 47 ट्रेनें बंद:50 बसें बढ़ीं, गंगा पुल पर मरम्मत हो रही; हर रोज 450 चक्कर लगा रही बसें

कानपुर-लखनऊ रूट पर 47 ट्रेनें बंद:50 बसें बढ़ीं, गंगा पुल पर मरम्मत हो रही; हर रोज 450 चक्कर लगा रही बसें

कानपुर-लखनऊ रेल रूट की डाउन लाइन पर ट्रैक मरम्मत का काम चल रहा है। इससे करीब 47 ट्रेनें बंद कर दी गई हैं या बदले हुए रूट से संचालित की जा रही हैं। इसके कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति को देखते हुए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने कानपुर-लखनऊ के बीच बसों के फेरे बढ़ा दिए हैं। पहले बसें प्रतिदिन 400 चक्कर लगाती थीं, जो अब बढ़ाकर 450 कर दिए गए हैं। वहीं कानपुर-आगरा रूट पर बसों की संख्या कम कर दी गई है। कानपुर से लखनऊ सड़क मार्ग पर बढ़ा लोड
कानपुर से लखनऊ के बीच ट्रेन से रोजाना करीब 2000 कर्मचारी, छात्र और कारोबारी यात्रा करते हैं। ट्रेनों के बंद या डायवर्ट होने के बाद यात्री अब बसों का सहारा ले रहे हैं। इसके चलते परिवहन विभाग ने बसों के संचालन में वृद्धि की है। पहले एक बस दिन में दो चक्कर लगाती थी, लेकिन अब प्रत्येक बस औसतन तीन चक्कर लगा रही है। इससे कुल 50 फेरे बढ़ाए गए हैं और कुल संख्या 450 हो गई है। कानपुर-आगरा रूट पर 10 बसें कम
कानपुर के झकरकट्टी बस अड्डे से आगरा रूट पर करीब 20 बसें चलती हैं। कानपुर-लखनऊ रूट पर यात्रियों का दबाव बढ़ने के बाद इनमें से 10 बसों को कम कर दिया गया है। एआरएम पंकज तिवारी ने बताया कि पहले प्रदेश भर की बसें इस रूट पर 400 चक्कर लगाती थीं, लेकिन ट्रेनें बंद होने के बाद इन्हें बढ़ाकर 450 कर दिया गया है। अब एक बस प्रतिदिन औसतन तीन फेरे लगा रही है। सुबह 9:30 से शाम 6 बजे तक ट्रेन नहीं
कानपुर-लखनऊ रेल रूट प्रभावित होने के कारण सुबह 9:30 बजे से शाम 6 बजे तक कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन से लखनऊ के लिए कोई ट्रेन उपलब्ध नहीं है। रेलवे के गंगा पुल पर करीब 850 मीटर क्षेत्र में 1700 स्लीपर बदले जा रहे हैं। पुराने स्लीपर हटाकर स्टील स्लीपर लगाए जा रहे हैं। इसी वजह से परिवहन निगम ने अतिरिक्त बसें चलाने का निर्णय लिया है।


Source: Dainik Bhaskar via DNI News

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