इंस्पेक्टर ने महिला को अकेले मिलने बुलाया:पूछा- कहां रुकोगी, जितने पैसे लगेंगे दे दूंगा; चार्जशीट लगाने के नाम पर की सौदबाजी


                 इंस्पेक्टर ने महिला को अकेले मिलने बुलाया:पूछा- कहां रुकोगी, जितने पैसे लगेंगे दे दूंगा; चार्जशीट लगाने के नाम पर की सौदबाजी

इंस्पेक्टर ने महिला को अकेले मिलने बुलाया:पूछा- कहां रुकोगी, जितने पैसे लगेंगे दे दूंगा; चार्जशीट लगाने के नाम पर की सौदबाजी

बलिया में यौन शोषण के मामले में चार्जशीट दाखिल करने के लिए पीड़िता से इंस्पेक्टर ने सौदेबाजी की। उससे आपत्तिजनक बातें की गईं। उसे अकेले मिलने के लिए बुलाया गया। इसका बुधवार को ऑडियो भी सामने आया। इसमें इंस्पेक्टर क्राइम महिला से अशोभनीय बातें करते सुनाई दे रहे हैं। कह रहे हैं…कब मिलोगी बताओ। कहां रुकने का विचार है। महिला के मना करने पर कहते हैं, ये तो कोई बात नहीं होती, दोस्त। जितने भी पैसे लगेंगे मैं दे दूंगा। मैं तुम्हारी चार्जशीट दो सेकेंड में, एक फोन पर फाइनल कर दूंगा। मैं इंस्पेक्टर क्राइम बाबू हूं। मेरे बच्चे, मेरे दोस्त… पीड़ित महिला ने सोमवार को ही मामले की आजमगढ़ रेंज के डीआईजी सुनील कुमार सिंह से शिकायत की थी। उनके आदेश पर बुधवार को उभांव थाने के प्रभारी निरीक्षक (SHO) संजय शुक्ला और विवेचक इंस्पेक्टर (क्राइम) नरेश मलिक को निलंबित कर दिया गया। मामले की जांच सीओ को सौंपी गई है। पहले पढ़िए इंस्पेक्टर और पीड़िता की फोन पर हुई बातचीत… पीड़िता – क्या हुआ, वो चार्जशीट का? आपने कुछ बताया नहीं, सर। इंस्पेक्टर क्राइम – जब तक तुम मुझसे नहीं मिलोगी, तब तक क्या बताऊंगा? मुझे भी जेल भिजवा दोगी ना। पीड़िता – हमने क्या किया है, सर? इंस्पेक्टर क्राइम – अच्छा, ये बताओ… (इसके बाद आवाज में खड़खड़ाहट है।) पीड़िता – अभी तो मैं घर पर हूं। इंस्पेक्टर क्राइम – तो कहां रुकने का विचार बनाओगी, ये बताओ? पीड़िता – ये हम कैसे बता सकते हैं, सर? इंस्पेक्टर क्राइम – ये तो कोई बात नहीं होती, दोस्त। पीड़िता – ठीक है, पर हम ये कैसे बताएं? बताइए, अभी तो हमारे पास कोई सुविधा नहीं है। इंस्पेक्टर क्राइम – हमारे पास में कहीं इधर-उधर कर लेंगे। 10-20, 5…कोई दिक्कत नहीं। पीड़िता – मतलब, हम समझे नहीं, सर। इंस्पेक्टर क्राइम – और बताओ। पीड़िता – समझे नहीं, आप क्या कह रहे हैं? इंस्पेक्टर क्राइम – मैं कह रहा हूं, दो-चार, पांच, दस—जितने भी लगेंगे, मैं दे दूंगा। पीड़िता – अच्छा, सर। इंस्पेक्टर क्राइम – उम्मीद है कि आप मुझसे मिलेंगी। पीड़िता – ठीक है, सर। पहले ये बताइए कि ये चार्जशीट है दरोगा वाले मामले में, उसमें क्या हुआ है? इंस्पेक्टर क्राइम – मैं तुम्हारी चार्जशीट दो सेकेंड में, एक फोन पर फाइनल कर दूंगा। और बताओ। पीड़िता – ठीक है, मतलब सब कुछ आपके हाथ में है। इंस्पेक्टर क्राइम – मैं इंस्पेक्टर क्राइम बाबू हूं। मेरे बच्चे, मेरे दोस्त… अब ये बताओ, तुम मुझे किस समय, कहां और कैसे मिलोगी? पीड़िता – अभी बताएंगे, थोड़ा सोचने का समय दीजिए। जब तक नहीं मिलेंगे, तब तक आप चार्जशीट नहीं लगवाएंगे? इंस्पेक्टर क्राइम – सोच लो और समझ लो… और बाकी, तुम पर जो बस चले, तो मेरी… उखाड़ लेना। पीड़िता – मतलब? इंस्पेक्टर क्राइम – मेरी साइन से ही सब कुछ होगा। पीड़िता – इसीलिए तो आपसे ही रिक्वेस्ट कर रहे हैं, सर। अभी तक तो शुक्ला जी से कर रहे थे, अब आपसे कर रहे हैं। इंस्पेक्टर क्राइम – मेरी रिक्वेस्ट करने की जरूरत नहीं। मैं तो तुरंत फाइनल कर दूंगा। पीड़िता – तो इसके लिए पहले आपसे हमें मिलना पड़ेगा? इंस्पेक्टर क्राइम – मर्जी हो तुम्हारी तो मिल लो, नहीं तो मत मिलो। पीड़िता – नहीं मिलेंगे तो आप चार्जशीट नहीं लगवाएंगे? इंस्पेक्टर क्राइम – (अपशब्दों का प्रयोग…) पीड़िता – ठीक है, सर। इंस्पेक्टर क्राइम – हेलो। पीड़िता – जी। इंस्पेक्टर क्राइम – बताओ, क्या करना है? पीड़िता – सोचकर बताते हैं। ये शर्त संजय शुक्ला जी ने रखी थी, जब मुकदमा दर्ज करवाना था। इंस्पेक्टर क्राइम – अरे, ये बताओ—आप किस टाइम, कितने बजे, कैसे मिलेंगी? पीड़िता – थोड़ा समय दीजिए सोचने के लिए। इंस्पेक्टर क्राइम – कितने मिनट? पीड़िता – देखते हैं, सोचकर कॉल करते हैं। इंस्पेक्टर क्राइम – चलो ठीक है, ओके। पीड़िता – ठीक है। यह था पूरा मामला… बलिया के रसड़ा थाना क्षेत्र की निवासी महिला ने वन दरोगा उग्रसेन कुमार पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। वन दरोगा उभांव थाना क्षेत्र में तैनात हैं। पीड़िता ने 3 फरवरी को उभांव थाने में तहरीर दी थी। आरोप था कि वन दरोगा उग्रसेन कुमार ने शादी का झांसा देकर करीब 8 महीने तक उसका यौन शोषण किया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि तहरीर देने के बावजूद थाना स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। न्याय न मिलने पर पीड़िता ने डीआईजी सुनील कुमार सिंह और बलिया एसपी ओमवीर सिंह से गुहार लगाई। इसके बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर उभांव पुलिस ने 17 दिन बाद आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पीड़िता का आरोप है कि पुलिस ने आरोपी पर हल्की धाराएं लगाई थीं, इस कारण उसे दो दिन में ही जमानत मिल गई थी। पीड़िता ने आरोप लगाया, विवेचक इंस्पेक्टर क्राइम नरेश मलिक ने चार्जशीट दाखिल करने के दौरान उनसे आपत्तिजनक बातें कीं। अकेले मिलने के लिए बुलाया। इसके बाद पीड़िता ने सोमवार को आजमगढ़ में डीआईजी सुनील कुमार सिंह से शिकायत की। डीआईजी ने बलिया एसपी को मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए। एसपी ओमवीर सिंह ने बताया, पीड़िता की शिकायत और ऑडियो सामने आने के बाद उभांव थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमे की चार्जशीट को लेकर पीड़िता की इंस्पेक्टर क्राइम से हुई बातचीत उनके दायित्वों के विपरीत और अशोभनीय पाई गई। प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर क्राइम इंस्पेक्टर नरेश मलिक और लापरवाही पर थाना प्रभारी संजय शुक्ला को निलंबित किया गया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। सीओ रसड़ा को निर्देश दिए गए हैं कि वे पीड़िता से बात कर मामले में आगे की कार्रवाई तय करें। —————— ये खबर भी पढ़ें… आशुतोष महाराज ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को अपशब्द कहे:लिखा- ब्राह्मणों का अपमान किया..बदला लूंगा, लखनऊ में तहरीर दी आशुतोष ब्रह्मचारी ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को लेकर फेसबुक पर अपशब्द लिखे। उन्होंने उपमुख्यमंत्री के खिलाफ लखनऊ पुलिस से शिकायत की है। शंकराचार्य पर बटुकों से यौन उत्पीड़न की FIR कराने वाले आशुतोष महाराज बुधवार को हजरतगंज कोतवाली पहुंचे। पढ़ें पूरी खबर…


Source: Dainik Bhaskar via DNI News

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