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SIR में 4 दिसंबर के बाद भी जुड़वा सकेंगे नाम:नागरिकता पर असर नहीं, जानिए कैसे समय से पहले कई BLO ने पूरा किया टारगेट

यूपी में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) में नाम जुड़वाने के लिए 4 दिसंबर की तारीख तय है। इसके बाद आपका नाम ड्राफ्ट सूची में डाल दिया जाएगा। ऐसा आपके साथ भी होता है, तो घबराएं नहीं। आपके पास नाम जुड़वाने का एक मौका है। 9 दिसंबर को ड्राफ्ट सूची के प्रकाशन के बाद आपको सिर्फ फॉर्म-6 भरना होगा। इसके बाद आपका नाम SIR में जुड़ जाएगा। प्रदेश में 15.44 करोड़ मतदाताओं के गणना प्रपत्र डिजिटाइज्ड होने हैं। 29 नवंबर तक प्रदेश में 61% (9.40 करोड़ से अधिक) फॉर्म डिजिटाइज्ड हो चुके हैं। रोज एक करोड़ से अधिक फॉर्म डिजिटाइज्ड हो रहे हैं। मतलब 5 दिन में 6 करोड़ फॉर्म डिजिटाइज्ड करने होंगे। वहीं, प्रदेश में 5 BLO की विभिन्न वजहों से हुई मौत को लेकर भी अलग से राजनीति जारी है। इन शोर-शराबों के बीच प्रदेश के कई जिला निर्वाचन अधिकारियों ने कैसे BLO के काम को आसान बनाया? कैसे प्रदेश के कई जिलों में BLO अपना शत-प्रतिशत लक्ष्य 15 से 20 दिनों में ही पूरा करके सम्मानित हुए? प्रदेश में सबसे अधिक चर्चा SIR को लेकर है। इस बार संडे बिग स्टोरी में पढ़िए SIR में नाम जुड़वाना कितना जरूरी? पढ़िए, SIR को लेकर जिलों में कैसे-कैसे प्रयास हो रहे
दैनिक भास्कर ने राजधानी लखनऊ के डीएम, जिला निर्वाचन अधिकारी विशाख जी (अय्यर) से बात की। समझा, आखिर उन्होंने कैसे BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) को पैनिक होने से बचाया और 60 फीसदी से अधिक गणना प्रपत्र डिजिटाइज्ड करा चुके हैं। विशाख जी के मुताबिक, हमारे जिले में 3,789 बूथ हैं और इतने ही BLO हैं। हमने शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग प्लान बनाया। सबसे पहले मैंने BLO की ट्रेनिंग कराई। उन्हें बताया कि कैसे 2003 की सूची से मतदाताओं के नाम सर्च करने हैं? शहरी क्षेत्र में मतदाताओं के लिए कैंप भी लगा रहे हैं। BLO एक घंटा अपने बूथ पर बैठ रहा। इसके बाद डोर-टू-डोर सर्वे करने जा रहा। हर BLO के साथ कोटेदार, नगर निगम टीम के कर्मी और दूसरे विभाग के कर्मियों को भी सहयोग में लगाया गया है। नगर निगम की कचरा गाड़ी से SIR को लेकर अनाउंसमेंट भी करा रहे हैं। राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर उनकी ओर से बूथ पर लगाए गए बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) को भी 50-50 फॉर्म भरवाने के लिए दिए गए हैं। इसके अलावा नगर निगम के पार्षदों की भी मदद ली जा रही। हर विधानसभा में वॉर रूम बनाया गया है। वहां फॉर्म डिजिटाइज्ड किया जा रहा है। इसके लिए कम्प्यूटर ऑपरेटर, इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र, स्कूलों के कम्प्यूटर शिक्षकों की भी मदद ली जा रही। रविवार को मेगा कैंप पूरे जिले में आयोजित किया जा रहा। इसी तरह आखिरी के दो-तीन दिन भी मेगा कैंप लगेगा। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में जितने भी सरकारी विभाग हैं, उनके कर्मियों, पंचायत कर्मी, ग्राम सेवक, ग्राम रोजगार सहायक, आंगनबाड़ी कर्मी, पंचायत सचिव आदि की भी मदद ली जा रही। इसके साथ ही BLO को जहां कहीं भी व्यावहारिक कठिनाई आती है, उसे ट्रेस करके दूर करता हूं। इसके लिए हर शाम को समीक्षा करता हूं। जो BLO समय से पहले अपना शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर चुके हैं, उन्हें सम्मानित भी किया जा रहा। इससे दूसरे BLO को प्रोत्साहित करने में मदद मिल रही। इटावा के डीएम बोले- शहर को 17 सेक्टर में बांटा, 16 जगह लगा रहे कैंप
SIR को लेकर इटावा के जिला निर्वाचन अधिकारी शुभ्रांत शुक्ला ने बताया कि मैंने सबसे पहले सभी BLO को ट्रेनिंग देकर उनका नॉलेज बेस ठीक किया। क्योंकि, जानकारी होने पर ही कोई BLO सही तरीके से गणना प्रपत्र को भर पाएगा। दूसरे स्तर पर उन्हें फिजिकल सपोर्ट देना था। इसके लिए पूरे शहर को 17 सेक्टर में बांट दिया। हर BLO के साथ दो-तीन अन्य कर्मियों को सहयोग में लगाया। इससे BLO को काफी सपोर्ट मिल रहा। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनबाड़ी कर्मी सहित अन्य लोगों को सहयोग में लगाया है। तीसरा सुपरविजन और प्रचार-प्रसार किया। इसके लिए 17 जिलास्तरीय अधिकारियों की ड्यूटी अलग से लगाई। उन्हें भी 10-10 बूथ दिए हैं। इससे मतदाताओं का ध्यान खींचने में आसानी हुई। जो भी समस्या शार्टआउट नहीं हो पा रही थी, उसे भी बैठकर समझा और ठीक किया। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में तीन दिन 16 स्थानों पर कैंप लगा रहे हैं। मैंने एक भी एफआईआर नहीं की। किसी भी BLO पर कोई दबाव नहीं डाला। अगर किसी को फिजिकल परेशानी थी, तो उसे भी रिप्लेस किया। किसी BLO के घर शादी या कोई परेशानी हुई तो उसे भी रिप्लेस किया। इसकी वजह से मेरे जिले में कोई पैनिक क्रिएट नहीं हुआ। राजनीतिक पार्टियों के साथ चार से पांच मीटिंग की। इससे उनका सहयोग मिला। जहां उनकी शिकायत आई, उसे भी ठीक कर दिया। कुछ राजनीतिक दल के BLO टेढ़े-मेढ़े सवाल पूछ कर वीडियो बनाकर वायरल कर रहे थे। उसे रोका और समझाया कि सपोर्ट कीजिए। सीईओ नवदीप बोले- 4 दिसंबर तक पूरा कर लेंगे टारगेट
यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि अब तक 60 फीसदी से अधिक गणना प्रपत्र को डिजिटाइज्ड कर दिया गया है। हर दिन एक करोड़ से अधिक फॉर्म अपलोड किए जा रहे। BLO के अलावा शहरी क्षेत्रों में नगर पालिका, नगर निगम और नगर परिषद के कर्मचारियों की भी मदद ली जा रही। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में भी राजस्व और गांव के अधिकारियों की मदद ली जा रही। रोज शाम को पूरे प्रदेश के जिला निर्वाचन अधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग कर अपडेट लिया जा रहा। 4 दिसंबर तक हम हर हाल में अपना लक्ष्य पूरा कर लेंगे। अगर इसमें किसी तरह की परेशानी आई तो चुनाव आयोग से बात कर अतिरिक्त समय भी मांग सकता हूं। हालांकि, इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी। 9 दिसंबर को ड्राफ्ट का प्रकाशन होगा। इसमें आप अपने नाम सर्च कर सकेंगे। अगर किसी कारण किसी का नाम छूट गया हो या किसी दस्तावेज की वजह से फॉर्म अधूरा रह गया, तो उसे एक महीने के अंदर दावा-आपत्ति करने का मौका रहेगा। नए लोग फॉर्म-6 भरकर भी अपना नाम शामिल करवा सकेंगे। इसी के साथ किसी को पता बदलना है तो वह फॉर्म-8 भर सकता है। अब जानिए समय से पहले कैसे BLO ने पूरा किया लक्ष्य
पूरे प्रदेश में 500 से अधिक BLO समय से पहले अपना काम पूरा कर चुके हैं। सभी को उनके जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से सम्मानित भी किया जा चुका है। इसका मकसद दूसरे BLO को प्रोत्साहित करना है। बरेली जिले में बहेड़ी विधानसभा में शत-प्रतिशत SIR का काम पूरा करने पर 14 BLO को संयुक्त मजिस्ट्रेट इशिता किशोर और तहसीलदार भानु प्रताप ने प्रमाण पत्र के साथ शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। वहीं, बाराबंकी, भदोही, गोंडा आदि जिलों में भी बड़ी संख्या में BLO को लक्ष्य पूरा करने पर सम्मानित किया जा रहा। सिद्धार्थनगर में 10 BLO को सम्मानित किया गया। रायबरेली में अब तक 20 से अधिक BLO को सम्मानित किया जा चुका है। प्रदेश में ऐसे कई BLO को इसी तरह लक्ष्य पूरा करने पर सम्मानित किया गया। नोएडा में डीएम मेधा रूपम खुद बूथों पर पहुंच कर BLO का उत्साह बढ़ाती नजर आईं। हमने समझने की कोशिश की कि आखिर इन BLO ने कैसे समय से अपना काम पूरा कर लिया? उन्होंने कौन-सा तरीका अपनाया? इसे ओमवीर, उर्मिला और लालधर सहाय के उदाहरण से समझ सकते हैं। हाथ में चोट, फिर भी नहीं ली छुट्‌टी
मुरादाबाद के रामपुर भीला गांव निवासी एवं उच्च प्राथमिक स्कूल सरदार नगर के BLO ओमवीर सिंह ने बताया कि भाग संख्या- 179 वाले बूथ पर कुल 751 मतदाता हैं। मैंने 8 नवंबर से घर-घर पहुंचकर गणना पत्र बांटना शुरू किया। चार दिन में सभी गणना पत्र बांट दिए। फिर फॉर्म भरवाकर जमा करने शुरू किए। 17 नवंबर को घर पर नहाते वक्त गिरने से हाथ में गहरी चोट लग गई। पूरे हाथ में सूजन आ गई। काम करना मुश्किल था, लेकिन SIR का महत्व देखते हुए छुट्टी नहीं ली। 20 नवंबर तक सभी फॉर्म जमा करा लिए। इसके तत्काल बाद फीडिंग का काम भी शुरू किया। 25 नवंबर तक सारे फॉर्मों की ऑनलाइन फीडिंग कर वह जिले के पहले ऐसे BLO बन गए, जिन्होंने सौ फीसदी काम पूरा कर लिया। जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम अनुज सिंह ने इसके लिए उन्हें सम्मानित किया। प्रशस्ति पत्र के साथ BLO के परिवार को मूवी टिकट और डिनर कराया
सरोजनी नगर विधानसभा क्षेत्र-170 में BLO उर्मिला रावत को प्राथमिक स्कूल शाहपुर मझिगावां (भाग संख्या-307) की जिम्मेदारी मिली थी। रावत ने सबसे पहले घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र दिया। इसके बाद जिसे भरने में कठिनाई हुई, उनके घर पहुंचकर स्वयं सहयोग करते हुए प्रपत्र भरवाए। इसके बाद सभी भरे हुए गणना प्रपत्रों को डिजिटाइज्ड किया। फॉर्म डिजिटाइज्ड करने में परिवार के लोगों ने भी सहयोग किया। परिवार के सहयोग से उन्होंने समय रहते अपना शत-प्रतिशत काम पूरा कर लिया। इसके लिए जिला निर्वाचन अधिकारी विशाख जी के निर्देश पर ईआरओ 170 सरोजनी नगर विधानसभा द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। साथ ही, उन्हें और उनके पूरे परिवार को मूवी टिकट तथा विशेष डिनर की व्यवस्था कर सम्मानित एवं प्रोत्साहित किया गया। SIR के लिए मां की तेरहवीं टाल दी
गाजीपुर के टालकर सैदपुर विधानसभा के भाग संख्या-222 के BLO टीचर लालधर सहाय ने SIR के लिए मां की तेरहवीं टाल दी। परिषदीय स्कूल रफीकपुर में शिक्षक लालधर सहाय परिवार संग सैदपुर में रहते हैं। उनकी मां बड़े बेटे लालचंद के साथ गांव में रहती थीं। 22 नवंबर को बीमारी के चलते मां का निधन हो गया। लालधर गांव पहुंचे, अगले दिन दाह संस्कार में शामिल हुए। फिर ड्यूटी के लिए निकल लिए। लोकतंत्र के लिए अपनी जिम्मेदारी को देखते उन्होंने मां की तेरहवीं की तारीख 5 दिसंबर से बढ़ाकर 13 दिसंबर कर दी। वह SIR का फॉर्म भरवाने में जुटे हैं। SIR में नाम जुड़वाना कितना जरूरी
SIR में चुनाव आयोग खुद एक-एक मतदाता के पास पहुंच रहा। ऐसे में आप अपनी सही जानकारी देकर मतदाता लिस्ट में नाम शामिल करा सकते हैं। इसके बावजूद अगर आपका नाम फाइनल वोटर लिस्ट में किसी कारणवश नहीं आता, तो परेशान मत हों। आप मतदाता सूची में अपना नाम सामान्य प्रक्रिया के तहत जुड़वा सकते हैं। इसके लिए ऑनलाइन या BLO से बात करके अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकते हैं। इसके लिए एड्रेस प्रूफ और जरूरी कागजात देने होंगे। SIR सिर्फ मतदाता सूची को अपडेट करने जैसा है। अगर किसी कारणवश आपका नाम मतदाता सूची में नहीं शामिल होता है तो आप आसानी से चुनाव आयोग की प्रक्रिया का पालन करते हुए जुड़वा सकते हैं। वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया वही रहेगी, जो सामान्य तौर पर रहता आया है। SIR सिर्फ मतदाता सूची को अपडेट करना है। योग्य मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में शामिल करना, दो जगह जिन मतदाताओं के नाम हैं या फिर मृत मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट से हटाना है। लोगों में यह चिंता है कि क्या वोटर लिस्ट में नाम नहीं रहने से नागरिकता पर क्या कोई असर पड़ेगा। जानकार कहते हैं कि वोटर लिस्ट में यदि किसी कारणवश नाम कट जाता है, तो इससे नागरिकता को लेकर कोई सवाल पैदा नहीं होगा। ————————- ये खबर भी पढ़ें- SIR के लिए सलीम 40 साल बाद गांव लौटा, हिंदू से मुस्लिम बन गया था; कानपुर में BLO का टाइम बदला बरेली में हिंदू से मुस्लिम बना एक शख्स SIR के लिए 40 साल बाद वापस अपने गांव लौट आया। काशीपुर निवासी वेदराम के बेटे ओमप्रकाश महज 15 साल की उम्र में नाराज होकर घर छोड़कर चले गए थे। दिल्ली जाकर उन्होंने मुस्लिम धर्म अपना लिया और सलीम बन गए। कई सालों तक जब ओमप्रकाश नहीं लौटे तो गांव वालों को लगा कि वो अब इस दुनिया में नहीं रहे। लेकिन, अब जब यूपी में SIR शुरू हुआ तो वे फॉर्म भरने अपने 15 साल के बेटे जुम्मन के साथ गांव वापस आ गए। गांव वालों को जब उनकी पहचान पता चली तो पहले उन्हें भरोसा नहीं हुआ। बाद में ग्रामीणों ने फूल-माला, बैंड-बाजे और जुलूस के साथ उनका स्वागत किया। पढ़िए पूरी खबर…


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