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हीराकुंड एक्सप्रेस में आतंकवादी होने की सूचना पर हड़कंप:दतिया पर 4 युवकों को उतारा गया, झांसी में ट्रेन को घेरकर तलाशी ली गई

दिल्ली से चलकर झांसी आ रही हीराकुंड एक्सप्रेस में आतंकवादी होने की सूचना से हड़कंप मच गया। रेलवे की एक टीम 25 किलाेमीटर दूर दतिया स्टेशन पहुंच गई। यहां सूचनाकर्ता और 3 मुस्लिम युवकों को उतार लिया। तलाशी के बाद ट्रेन झांसी पहुंची। यहां पर ट्रेन को घेरकर दोबारा तलाशी ली गई। इस दौरान आरपीएफ, जीआरपी, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉट की टीम ने लगभग आधा घंटे तक बराकी से जांच की। इसके बाद ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया। आरपीएफ उप कमांडेंड केएन तिवारी ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि सूचनाकर्ता का तीनों मुस्लिम युवकों से झगड़ा हो गया था। इसलिए उसने गुस्से में आकर आतंकवादी होने की सूचना दे दी थी। जो गलत पाई गई। पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। रेलवे कंट्रोल रूप में आया कॉल अमृतसर से विशाखापत्तनम तक जाने वाली ट्रेन क्रमांक 20808 हीराकुंड एक्सप्रेस दिल्ली होते हुए रविवार दोपहर को ग्वालियर पहुंचने वाली थी। तभी 1 बजकर 22 मिनट पर रेलवे कंट्रोल रूम में कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने बताया कि शक है कि ट्रेन के जरनल कोच में आतंकवादी हैं। अगला रेलवे स्टेशन ग्वालियर है जल्दी आओ। इस सूचना के तुरंत बाद झांसी आरपीएफ और जीआरपी एक्टिव हो गई। लेकिन तब तक ट्रेन ग्वालियर निकल चुकी थी। आनन फानन में एक टीम झांसी से लगभग 25 किलोमीटर दूर दतिया रेलवे स्टेशन पर पहुंच गई। जबकि दूसरी टीम ने जीआरपी, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉट के साथ झांसी के वीरांगना लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन पर मोर्चा संभाल लिया। दतिया में उतारे गए 4 युवक ट्रेन दाेपहर लगभग 2 बजे दतिया स्टेशन पहुंची। यहां इंजन से तीसरे नंबर के जनरल कोच को चैक करते हुए सूचना देने वाले शख्स को खोज निकाला। फिर उसके बताए 3 युवकों को भी हिरासत में ले लिया। चारों को ट्रेन से उतारकर थाने ले जाया गया। जहां पर उसने पूछताछ की गई। आरपीएफ उप कमांडेंड केएन तिवारी ने बताया कि सूचना देने वाला व्यक्ति साधु के भेष में था। जिसने अपना नाम रमेश पासवान बताया। जबकि उसके बताए अनुसार जिन 3 लोगों को उतारा गया। उन्होंने अपना नाम एच बिलाल, फैजान और जलील बताया। तीनों झांसी के एवर्ट मार्केट के रहने वाले हैं। झगड़ा होने पर सूचना दे दी आरपीएफ उप कमांडेंड केएन तिवारी ने बताया कि पूछताछ में प्रथम दृष्टता पता चला कि तीनों युवकों का साधु के भेष वाले शख्स से झगड़ा हो गया था। जिससे गुस्से में आकर उसने इस प्रकार की सूचना दी थी। जो गलत पाई गई। दतिया में आधा घंटे तक ट्रेन को चेक किया गया। इसके बाद ट्रेन झांसी के वीरांगना लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन पर पहुंची। यहां डॉग स्क्वॉट, जीआरपी, आरपीएफ और बम निरोधक दस्ता ने संयुक्त रुप से मिलकर दोबारा से चेकिंग की। जीआरपी एसपी विपुल श्रीवास्तव ने बताया कि आरपीएफ कंट्रोल को हीराकुंड एक्सप्रेस में आतंकवादी होने की सूचना मिली थी। जीआरपी और आरपीएफ ने पूरी ट्रेन को चेक किया। मगर सूचना गलत पाई गई। जो संदिग्ध व्यक्ति थे, उनको दतिया में उतारा जा चुका है।


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