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सुलतानपुर में बाल श्रम अभियान, 18 अफसरों की छापेमारी:एक भी श्रमिक नहीं मिला; बाल विवाह-भिक्षावृत्ति पर हुई गोष्ठी

सुलतानपुर में मिशन शक्ति फेज-05 के तहत शनिवार को ‘ऑपरेशन मुक्त’ अभियान चलाया गया। शासन के निर्देश पर श्रम जिला प्रोबेशन अधिकारी और सहायक श्रमायुक्त की अध्यक्षता में 18 अधिकारी व कर्मचारियों की टीम ने यह अभियान चलाया। टीम ने विकास भवन, सुलतानपुर से लेकर पयागीपुर चौराहा तक लगभग आधे शहर के विभिन्न छोटे-बड़े होटलों, दुकानों और गैरेजों पर बाल श्रम मुक्ति अभियान के तहत छापेमारी की। हालांकि, इस दौरान एक भी बाल श्रमिक नहीं मिला। छापेमारी के बाद पयागीपुर स्थित द ब्लीस होटल में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें वी.पी. वर्मा ने बाल विवाह को एक गंभीर सामाजिक समस्या बताया। उन्होंने कहा कि कानूनी रूप से प्रतिबंधित होने के बावजूद यह लाखों युवाओं को प्रभावित करता है, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर अधिक होती है और कम उम्र की माताओं व बच्चों का स्वास्थ्य खतरे में पड़ जाता है। सहायक श्रमायुक्त ने भिक्षावृत्ति को एक अभिशाप बताया और कहा कि इसके लिए समाज जिम्मेदार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भीख मांगना और देना दोनों ही कानूनन अपराध हैं। बच्चों को भीख देने से वे शिक्षा से दूर होते हैं और उन्हें भीख मांगने के लिए प्रोत्साहन मिलता है। उन्होंने समाज में आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन के महत्व पर जोर दिया। इस अभियान और गोष्ठी में बाल कल्याण समिति से सदस्य ओम प्रकाश तिवारी, सरिता यादव, ममता मिश्रा, पुलिस विभाग से उप निरीक्षक धनवीर सिंह, महिला कांस्टेबल स्मिता सिंह और नीलम वर्मा शामिल थे। श्रम विभाग से प्रदीप कुमार प्रधान, सहायक एवं पंकज, तथा जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय की विभिन्न यूनिटों से उदयराज वरिष्ठ सहायक, रेखा गुप्ता, रूपाली सिंह, पूजा सिंह, संदीप सिंह, रीता मौर्या, राहुल विश्वकर्मा, अजय मौर्या और विपिन कश्यप सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारियों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।


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