समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर एसआईआर (SIR) के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीएलओ (BLO) को एसआईआर की पूरी जानकारी नहीं है और वे भाजपा के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। पार्टी ने कहा कि सरकारी कर्मचारी भाजपा कार्यालयों में बैठकर फॉर्म भर रहे हैं। पार्टी ने बताया कि एसआईआर के काम से जनता परेशान है क्योंकि क्षेत्र में फॉर्म पूर्ण रूप से वितरित नहीं किए गए हैं। साथ ही, फॉर्म को सही तरीके से नहीं भरा जा रहा है और बीएलओ क्षेत्र में अनुपस्थित रहते हैं। इन सभी समस्याओं को लेकर समाजवादी पार्टी सड़क पर उतर आई है। समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष विपिन चौधरी ने एसआईआर को 2027 के चुनावों की साजिश बताया। उन्होंने कहा कि बीएलओ इंटर कॉलेज और प्राथमिक विद्यालयों में बैठ जाते हैं और गणना प्रपत्र स्कूली बच्चों को थमा देते हैं। उनका आरोप है कि भाजपा को छोड़कर किसी अन्य राजनीतिक दल का सहयोग नहीं लिया जा रहा है। चौधरी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी 2027 में विपक्षियों के वोट कटवाना चाहती है, जैसा कि बिहार में चुनाव से पहले बड़ी संख्या में वोट काटे गए थे। उन्होंने चेतावनी दी कि पार्टी इसका विरोध करेगी और एक बड़ा आंदोलन भी करेगी। उन्होंने गंगानगर क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि बीएलओ भारतीय जनता पार्टी के बैनर के सामने बैठे पाए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे में सरकारी कर्मचारियों की निष्पक्षता कैसे सुनिश्चित हो सकती है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव (अनुसूचित मोर्चे) किशन जाटव ने बताया कि उनके गांव में भी ऐसी ही स्थिति है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी कर्मचारी भाजपा के एजेंट के तौर पर काम कर रहे हैं। जाटव ने एसआईआर कार्य की तिथि बढ़ाने और इसमें पारदर्शिता लाने की मांग की है।
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