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संभल हादसा, एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत:घायल पिता ने बताया- पीछे बैठे परिजनों ने नहीं लगाई थी सीट बेल्ट, नहीं खुले एयरबैग

संभल जिले के गंगा एक्सप्रेस-वे पर बुधवार शाम हुए भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के 6 सदस्यों की मौत हो गई। हादसे में केवल पिता और उनका बेटा ही जीवित बचे, वो भी गंभीर हालत में। हादसा इतना खौफनाक था कि ऑल्टो कार के परखच्चे उड़ गए और इंजन तक बाहर जाकर गिर गया। हादसा 27 नवंबर शाम करीब 6:30 बजे थाना हयातनगर क्षेत्र के रसूलपुर धतरा गांव के पास गंगा एक्सप्रेस-वे पर हुआ। ऑल्टो कार में सवार पूरा परिवार राखी के नामकरण संस्कार की दावत से लौट रहा था। इसी दौरान सामने से आ रही पिकअप बोलेरो ने तेज रफ्तार में उनकी कार को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऑल्टो कार का इंजन बाहर निकलकर सड़क पर जा गिरा। * दोनों गाड़ियां सड़क पर पलट गईं। कुछ बच्चे और महिलाएं कार के अंदर फंस गए। हादसे के बाद घर की तस्वीरें देखिए… 6 लोगों की मौत – सभी रिश्तेदार, एक बच्चा भी शामिल
मरने वालों में रेनू (35) पत्नी रोहित खड़गवंशी, उसकी बेटी रिया (12), बेटा भास्कर (8), गीता (34) पत्नी सुनील, देववती (46) पत्नी सत्यपाल और कपिल (10) पुत्र किशनपाल शामिल हैं। सभी कोतवाली बहजोई क्षेत्र के विसारु गांव और अमरोहा जिले के बागड़पुर छोइया गांव के निवासी थे। सीट बेल्ट न लगाने की भारी कीमत – सिर्फ एक एयरबैग खुला
हादसे में रोहित खड़गवंशी और उनका बेटा ही बच सके। रोहित ने बताया- मैंने सीट बेल्ट लगाई थी, इसलिए मेरा एयरबैग खुला और मैं बच गया। बच्चे और महिलाएं सीट बेल्ट नहीं लगाए थे… इसलिए उनके एयरबैग नहीं खुले, वरना शायद सभी बच जाते। रोहित का हाथ फ्रैक्चर है और कई चोटें आई हैं। उनका बेटा मुरादाबाद के निजी अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती है। अब हादसे की तस्वीरें देखिए… रोहित ने रोते हुए बताया – “मेरे बच्चे, मेरी बहन… सब चले गए”
हादसे के बाद रोहित अपने रिश्तेदारों से बातचीत में बार-बार रो पड़ रहे हैं। रिपोर्टर से बात करते हुए उन्होंने पूरा घटनाक्रम बताया— सवाल- गाड़ी टकराई कैसे?
जवाब- सामने से आ रही पिकअप की बाईं लाइट बंद थी। मैं समझा बाइक होगी। मैंने डिपर भी दिया, पर उसकी स्पीड बहुत तेज थी। मेरी स्पीड 90-100 रही होगी। टक्कर के बाद मुझे कुछ याद नहीं… होश मुरादाबाद में आया। सवाल- पीछे के एयरबैग क्यों नहीं खुले?
जवाब – किसी ने सीट बेल्ट नहीं लगाई थी। अगर बच्चों ने लगा ली होती, शायद सब बच जाते। सवाल- हादसे के बाद क्या हुआ?
जवाब- दोनों गाड़ियां पलट गईं। बच्चे अंदर दबे थे… मैं चिल्ला रहा था—पहले बच्चों को निकालो! लेकिन ग्रामीण पहले मुझे निकालने लगे। सवाल – गंगा एक्सप्रेस-वे पर निर्माण अधूरा – फिर भी इसी रास्ते क्यों?
जवाब – हम पहले भी इसी रास्ते से गए हैं। कभी दिक्कत नहीं हुई। एक्सप्रेसवे पर चढ़ते ही आदमपुर का बोर्ड दिखा…। लेकिन उससे 400-500 मीटर पहले ही पिकअप ने टक्कर मार दी। सवाल – हादसे के बाद सामान भी गायब – ज्वेलरी और रुपये नहीं मिले
जवाब- रोहित ने बताया कि कार में एक बैग था जिसमें 52,500 रुपए और कुछ ज्वेलरी रखे थे। परिवार बता रहा है कि सिर्फ 40,500 रुपए मिले हैं। एक हजार जो मेरी जेब में थे वो भी नहीं मिले। करीब 20 हजार की ज्वेलरी भी गायब है। महिलाओं के शरीर से भी कुछ जेवर गायब हैं।


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