देवरिया में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी सीजन की गेहूं और हरी मटर फसलों का बीमा कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह योजना किसानों को दैवीय या प्राकृतिक आपदा से फसल को होने वाले नुकसान की क्षतिपूर्ति प्रदान करेगी। इस वर्ष बीमा संचालन के लिए एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड को नामित किया गया है। जिले में इस बार 1.75 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में रबी फसलों की बोआई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से 1.45 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं बोया जाएगा। शासन के निर्देशानुसार, गेहूं के साथ-साथ हरी मटर की फसल को भी इस बीमा योजना का लाभ मिलेगा। केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) धारक किसानों को बीमा कराने के लिए अपनी संबंधित बैंक शाखा में संपर्क करना होगा और 31 दिसंबर तक प्रीमियम कटवाना होगा। बैंक से प्रीमियम कटौती की रसीद प्राप्त होते ही किसान का फसल बीमा सुनिश्चित माना जाएगा। जिन किसानों के पास केसीसी नहीं है, वे कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से अपनी फसलों का बीमा करा सकते हैं। दूसरों की भूमि पर खेती करने वाले बटाईदार किसान भी इस योजना का लाभ उठाने के पात्र होंगे। इसके लिए उन्हें भूमि स्वामी से प्रमाणित आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे। गैर-ऋणी किसानों के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, खतौनी और मोबाइल नंबर जैसे अनिवार्य दस्तावेज निर्धारित किए गए हैं। किसान अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए फसल बीमा कंपनी के टोल-फ्री नंबर 14447 पर संपर्क कर सकते हैं। जिला कृषि अधिकारी उदयशंकर सिंह ने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को किसी भी प्रकार की दैवीय या प्राकृतिक आपदा से हुए फसल नुकसान की भरपाई उपलब्ध कराना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो किसान फसल बीमा का लाभ नहीं लेना चाहते हैं, वे 24 दिसंबर तक अपने बैंक को लिखित रूप से सूचित कर सकते हैं।
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