माघ मेला 2026 की तैयारी को लेकर शनिवार को उत्तर प्रदेश के एडीजी ट्रैफिक ए. सतीश गणेश प्रयागराज पहुंचे। उन्होंने एडीजी जोन, आईजी रेंज, पुलिस कमिश्नर समेत सभी अफसरों के साथ बैठक की। इसके अलावा ट्रैफिक पुलिस टीम नोडल अधिकारी माघ मेला नीरज पांडेय और एडीसीपी ट्रैफिक पुष्कर वर्मा के साथ ट्रैफिक प्लानिंग की समीक्षा भी की। बताया कि ट्रैफिक प्लान का ब्लूप्रिंट तैयार है और इस बार ट्रैफिक व्यवस्था माइक्रो लेवल पर प्लान की जा रही है, ताकि बढ़ते यात्री दबाव को देखते हुए किसी भी स्थिति में आवाजाही बाधित न हो।
तीन चरणों में तैनाती, 25 दिसंबर तक पूरा बल उपलब्ध
दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत में उन्होंने बताया कि इस बार पौष पूर्णिमा जल्दी पड़ने के कारण तैयारी भी समय से पहले शुरू कर दी गई है। तीन चरणों में विभिन्न जनपदों से ट्रैफिक फोर्स का आवंटन किया गया है। 15 से 25 दिसंबर के बीच सभी पुलिसकर्मी प्रयागराज पहुंच जाएंगे। आने वाले हर जवान का प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) भी कराया जाएगा, ताकि वे मेला क्षेत्र में ट्रैफिक की बारीकियों को समझकर काम कर सकें। सतना–रीवा–मध्य प्रदेश से भी समन्वय, बाहरी रूटों पर डायवर्जन की तैयारी
एडीजी ट्रैफिक ने बताया कि प्रयागराज की सीमाएं दूसरे राज्यों से भी जुड़ी हैं, इसलिए पड़ोसी जिलों के साथ समन्वय बेहद जरूरी है। पहला चरण का कोऑर्डिनेशन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हो चुका है। सतना, रीवा और मध्य प्रदेश के अन्य जिलों के अफसरों के साथ अगले 7–10 दिनों में दूसरी फिजिकल समन्वय बैठक प्रयागराज में होगी। री वाहन, कॉमर्शियल व्हीकल और बाहरी ट्रैफिक को किस रूट से डायवर्ट किया जाएगा, इसका प्लान तैयार है ताकि मेला आने वाले श्रद्धालुओं का आवागमन सुचारू बना रहे। 30–40% अधिक पार्किंग स्पेस, साइंटिफिक तरीके से लगेंगे साइनेज उन्होंने कहा, इस बार पार्किंग पर विशेष फोकस है। 30–40% ज्यादा पार्किंग स्पेस इस बार चिह्नित किए गए हैं। यात्रियों को सही दिशा-निर्देश देने के लिए वैज्ञानिक तरीके से साइनेज तैयार किए जा रहे हैं। कितने साइन बोर्ड लगेंगे, कहां लगेंगे, किस भाषा में और किस प्रकार के मैसेज के साथ, इन सभी बिंदुओं पर माइक्रो लेवल पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि टीम ने काफी होमवर्क कर लिया है, लेकिन कुछ कार्य अभी बाकी हैं और इन्हें जल्द पूरा कर लिया जाएगा। भीड़ बढ़ने की डायनॉमिक तरीके से होगी मॉनिटरिंग
इस बार मेला क्षेत्र में भीड़ की डायनॉमिक मॉनिटरिंग किया जाएगा। यदि किसी सेक्टर में अचानक भीड़ बढ़ती है, तो तुरंत वैकल्पिक रूट और क्रिटिकल पॉइंट सक्रिय किए जाएंगे।अनुमान है कि 1,000–1,500 के आसपास ट्रैफिककर्मियों की तैनाती रहेगी। इसके अलावा इमरजेंसी के कंटीजेंसी प्लान व क्यूआरअी भी बनाई जा रही हैं। आधुनिक उपकरणों से होगी रियल टाइम मॉनिटरिंग
ट्रैफिक को सुचारू रखने के लिए इस बार आधुनिक उपकरणों से रियल टाइम मॉनिटरिंग करने का भी निर्णय गया है। ड्रोन, स्मार्ट बैरिकेडिंग, डिजिटल डिस्प्ले, रियल-टाइम अपडेट सिस्टम जैसे आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया जाएगा। यात्रियों का अनुभव बेहतर करना मुख्य लक्ष्य
एडीजी ने कहा, हमारी कोशिश है कि हर यात्री का अनुभव अच्छा रहे। भीड़ चाहे जितनी आए, ट्रैफिक सुचारू चले, पार्किंग की परेशानी न हो और लोगों को हर मोड़ पर सही दिशा-निर्देश मिलते रहें। उन्होंने बताया कि सभी स्टेक होल्डर्स प्रशासन, मेला प्राधिकरण, पुलिस, ट्रैफिक विंग, नगर निगम आदि के साथ समन्वय बैठकों का दौर जारी है और पूरी टीम तैयारी में जुटी है।
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