बहराइच में महज 12 घंटे में भेड़िए ने एक और बच्ची को शिकार बना लिया। श्रावस्ती से सटे सीमा क्षेत्र में मां के साथ सो रही 10 माह की मासूम को भेड़िया उठा ले गया। मां की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर दौड़े। करीब ढाई घंटे के बाद शव घर से 800 मीटर की दूरी पर गन्ने के खेत में बच्ची का क्षत-विक्षत बरामद हुआ। ग्रामीणों ने भेड़िये को बच्ची के नोंचते हुए देखा। शव की स्थिति इतनी बुरी थी कि देखते ही मां बेहोश हो गई। नाक के नीचे से पूरे शरीर की चमड़ी उधड़ी हुई थी। पेट से अंतड़ियां तक बाहर आ गई थीं। हाथ-पैर और गला कटा हुआ था। जबड़ा तक गायब था। पूरे शव पर कई गहरे दांतों के निशान थे। जिसने भी शव को देखा आंखें मूंद लीं। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन विभाग को खेत में जानवर के पगचिह्न भी मिले। विभाग का कहना है पगचिह्न भेड़िए नहीं, किसी अन्य जानवर के हैं। विभाग आदमखोर की तलाश में जुट गया है। तस्वीरें देखिए… अब पूरा मामला विस्तार से पढ़िए…
घटना जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर देहात कोतवाली क्षेत्र के खोरिया सफीक गांव की है। श्रावस्ती के गिलौला निवासी रामचंद्र मुंबई में मजदूरी करते हैं। पत्नी रमादेवी 4 दिन पहले अपने मायके में आई हुई थी। शुक्रवार रात रमादेवी अपने तीनों बच्चों के साथ फूस के बने मकान में सो रही थी। रमा ने बताया- मेरी 10 महीने की छोटी बेटी सुनीता गोद से लिपट का सो रही थी। जब बड़ी बेटी और बेटा पास एक दरी पर सो रहे थे। रात करीब 1:05 बजे आंख खुली तो छोटी बेटी गायब थी। शोर मचाया तो ग्रामीण जुट गए। भेड़िए का अंदेशा होने पर दो दर्जन ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर खेत की ओर भागे। करीब ढाई घंटे के बाद रात 3 बजे घर से 800 मीटर की दूरी पर गन्ने के खेत में पहुंचे तो भेड़िए को बच्ची को नोंचते हुए देखा। ग्रामीणों को देख भेड़िया जंगल में भाग गया। बच्ची की तब तक मौत हो चुकी थी। ग्रामीणों की सूचना पर देहात कोतवाली पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन विभाग को मौके पर जानवर के पगचिह्न दिखे। रेंजर नायक का कहना है। जानवर के पगचिह्न मिले हैं, जो भेड़िए नहीं किसी अन्य जानवर के दिख रहे हैं। किस जानवर ने हमला किया, इसकी जांच की जा रही है। क्षेत्र में पेट्रोलिंग बढ़ाने और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। नाना बोले- मैंने भेड़िए को अपनी आंखों से देखा
बच्ची के मुंह बोले नाना और पड़ोसी बेचुलाल ने बताया- रात करीब एक बजे बच्ची की भतीजी रमादेवी का शोर सुनकर पहुंचा था। बोली- मेरी बेटी नहीं मिल रही। हम भेड़िए का अंदेशा समझकर लाठी-डंडे और टॉर्च लेकर खेत की ओर भागे। 800 मीटर की दूरी पर मैंने एक वयस्क भेड़िए को अपनी आंखों से बच्ची के शव को नोंचते हुए देखा। हम लोगों को देखकर भेड़िया भाग गया, पर तब तक बच्ची की मौत हो चुकी थी। महज 8 घंटे में दो बच्चों की मौत
बता दें कि बहराइच में महज 8 घंटे में भेड़िए ने कैसरगंज तहसील क्षेत्र के गोड़इया नंबर-3 में एक 5 साल के बच्चे को मार डाला था। बच्चा घर के बाहर खेल रहा था, तभी पड़ोसियों की नजर के सामने भेड़िया उसे उठा ले गया। बच्चा 400 मीटर दूर गन्ने के खेत में लहूलुहान मिला। दोनों हथेलियां गायब थीं। लखनऊ ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया। तीन महीने में 10 बच्चों की गई जान
बहराइच में भेड़ियों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। पिछले केवल 3 महीने में 10 बच्चों को भेड़िए मार चुके हैं। हालांकि विभाग ने इस तीन महीने के दौरान 3 भेड़ियों को एनकाउंटर में मार गिराया है, जबकि 1 का हाफ एनकाउंटर किया है। —————————— ये खबर भी पढ़िए… यूपी में भेड़िए बच्चे के दोनों हाथ खा गए, मौत:गर्दन दबोचकर घर से उठा ले गए, 500 मीटर दूर खून से लथपथ मिला यूपी के बहराइच में भेड़िए खूंखार हो गए हैं। एक बार फिर दो आदमखोर भेड़िए 5 साल के मासूम स्टार को घर से उठा ले गए। एक ने मासूम की गर्दन दबोची, दूसरे ने पैर दबोचा। आसपास के लोगों ने देखा तो वह लाठी-डंडे लेकर भेड़िए के पीछे भागे। करीब 500 मीटर दूर खेत में मासूम खून से लथपथ मिला। उसकी दोनों हथेलियां और पंजे भेड़िए खा चुके थे। पढ़िए पूरी खबर…
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