महोबा में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जिला पंचायती राज अधिकारी (डीपीआरओ) ने 27 पंचायत सहायकों को सेवा समाप्ति के नोटिस जारी किए हैं। इसके साथ ही, एक ग्राम पंचायत सचिव का एक दिन का वेतन काटने के भी निर्देश दिए गए हैं। इस कार्रवाई से पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर चल रहे एसआईआर कार्य में बीएलओ के साथ पंचायत सहायकों, ग्राम प्रधानों, कोटेदारों, पंचायत सचिवों और सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। एसडीएम और तहसीलदार स्तर पर भी कार्य की निगरानी की जा रही थी। इसके बावजूद, जिले में अब तक केवल 50 प्रतिशत डेटा ही ऑनलाइन हो पाया है, जिसे प्रशासन ने गंभीर लापरवाही माना है। डीपीआरओ द्वारा जारी सूची में कबरई ब्लॉक की ग्राम पंचायत डिगरिया, श्रीनगर, सिचौरा, सिजहरी, ढिकवाहा और कबरई देहात शामिल हैं। पनवाड़ी ब्लॉक की ग्राम पंचायत अमानपुरा, विजयपुर, पनवाड़ी, नकरा, कोहनिया, किल्हौआ, काशीपुरा, तेईया, चौका, सौरा और बम्हौरीकुर्मिन के पंचायत सहायकों पर भी कार्रवाई की गई है। इसके अतिरिक्त, चरखारी ब्लॉक की ग्राम पंचायत अक्ठौंहा, कुड़ार, बमरारा व गौरहारी तथा जैतपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत गुढ़ा, जैलवारा, कमालपुरा, बिहार, थुरट और सलैयामाफ के पंचायत सहायक भी इस सूची में शामिल हैं। प्रशासन ने संबंधित एडीओ पंचायत को तीन दिनों के भीतर ग्राम पंचायत स्तर पर सेवा समाप्ति के प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं। जिला पंचायती राज अधिकारी चंद्रकिशोर वर्मा ने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग की ऑनलाइन मीटिंग में सीडीओ बलराम कुमार ने एसआईआर कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और जिम्मेदारियां तय करने के निर्देश दिए थे। पंचायत सहायकों को बूथ पर उपस्थित रहकर बीएलओ का सहयोग करने को कहा गया था, लेकिन निरीक्षण के दौरान 27 पंचायत सहायक कार्यस्थल पर अनुपस्थित पाए गए, जिसके बाद यह कठोर कार्रवाई करना अनिवार्य हो गया। कार्य में लापरवाही पर हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद एसआईआर कार्य में लगे अन्य कर्मचारियों में चिंता और हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
https://ift.tt/cMVdlLD
🔗 Source:
Visit Original Article
📰 Curated by:
DNI News Live

Leave a Reply