रामपुर में शनिवार को राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान का दौरा महिलाओं और बच्चियों से सीधे संवाद पर केंद्रित रहा। उन्होंने साफ कहा कि “जब तक अंतिम पंक्ति में बैठी महिला जाग नहीं जाती, तब तक आराम नहीं कर सकती।” अपने कार्यक्रम के तहत वह सबसे पहले राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, खुर्शीद पहुंचीं, जहां छात्राओं के साथ नारी सशक्तिकरण पर खुली बातचीत हुई। छात्राओं ने स्कूल की सुविधाओं से लेकर भविष्य की पढ़ाई और सुरक्षा से जुड़ी अपनी समस्याएं सामने रखीं। डॉ. बबीता ने बच्चियों को अधिक अवसर उपलब्ध कराने, उन्हें प्रोत्साहित करने और उनकी चुनौतियों का समाधान खोजने की दिशा में आयोग की कार्यशैली समझाई। उन्होंने कहा कि सुरक्षित माहौल में आज बेटियां आत्मनिर्भरता की ओर तेज़ी से बढ़ रही हैं। छात्राओं द्वारा 12वीं के बाद अभिभावकों को आगे पढ़ाई के लिए प्रेरित किए जाने के मुद्दे पर उन्होंने प्रबंधन को विशेष बैठक करने के निर्देश दिए।उन्होंने मुख्यमंत्री को महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण से जुड़े कदमों के लिए धन्यवाद भी दिया। ‘हमेशा दायरे में रहकर काम करती हैं महिलाएं और आयोग’ बीजेपी में महिला प्रदेश अध्यक्ष पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि यह बड़े नेताओं का निर्णय होता है और अपने काम पर ध्यान देना ही उनकी प्राथमिकता है। पुलिस द्वारा महिला आयोग को ‘हद में रहने’ की सलाह दिए जाने वाले सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग और महिलाएं हमेशा दायरे में रहकर ही काम करती हैं। इस मामले में एसपी से उनकी बात हो चुकी है और आगे भी संवाद जारी रहेगा।
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