कानपुर शहर के विकास को दिशा तय करने में पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। 1989 में महापौर से लेकर तीन बार सांसद और बाद में केंद्रीय मंत्री तक उनका राजनीतिक सफर सिर्फ पदों का सिलसिला नहीं, बल्कि कई बड़े विकास-प्रोजेक्ट्स और शहर की बदलती तस्वीरों का अर्क था। शुक्रवार को उनके निधन के बाद, एक बार फिर लोगों की जुबान पर उनके कई विकास कार्य चर्चा में आए। महापौर से सांसद बनने तक किए कई कार्य श्रीप्रकाश जायसवाल का राजनीतिक सफर 1989 में शुरू हुआ। 1999 में उन्होंने पहली बार लोकसभा का चुनाव जीतकर संसदीय राजनीति में कदम रखा, फिर 2004 और 2009 में दोबारा जीत दर्ज की। केवल सांसद ही नहीं, कांग्रेस के प्रदेश संगठन में उन्होंने अहम भूमिका निभाई। 2000 से 2002 तक वे उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (UPCC) अध्यक्ष भी रहे। बिजली उत्पादन पर की पहल उनका सबसे बड़ा और चर्चित योगदान रहा, बिजली उत्पादन और शहर की कनेक्टिविटी सुधारने की योजनाएं। 2012 में उन्होंने घाटमपुर में 1,980 मेगावॉट का कोयला आधारित पावर प्लांट की नींव रखी। यह परियोजना लगभग 11,088 करोड़ की लागत से शुरू हुई। यह प्लांट कानपुर और आसपास क्षेत्रों में बिजली संकट को कम करने की दिशा में था। खासकर उन जिलों के लिए जहां किसानों और उद्योगों को बिजली की भारी जरूरत थी। इस प्रोजेक्ट के तहत, वह किसानों को उचित मुआवजा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार का प्रस्ताव लेकर आए थे। चकेरी एयरपोर्ट का विस्तार कानपुर के वायुमार्ग को बेहतर बनाने के लिए भी उन्होंने पहल की थी। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि चकेरी एयरपोर्ट को आधुनिक सुविधाओं वाला एयर-हब बनाया जाए। इसके लिए उन्होंने सरकार से 50 एकड़ जमीन देने की मांग की थी, ताकि मुख्य टर्मिनल, पार्किंग और एयरक्राफ्ट फैसिलिटी जैसी सुविधाएं दी जा सकें। उनका मानना था कि, कानपुर एक प्रमुख व्यापार, शिक्षा व उद्योग केंद्र है। इसलिए एक आधुनिक एयरपोर्ट से शहर की पहचान और कनेक्टिविटी दोनों मजबूत होंगी। श्रमशक्ति जैसी ट्रेनों को चलवाया उन्होंने कानपुर से नई दिल्ली के लिए श्रमशक्ति जैसी ट्रेन चलवाई, जिससे न सिर्फ यात्रियों बल्कि व्यापार और उद्योगिक आवाजाही को भी लाभ हुआ। इससे लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिली। एक झलक जीवन काल पर – जन्म 25 सितम्बर 1944 में कानपुर में हुआ। – शिक्षा- BNSD इंटर कॉलेज, कानपुर से हुई। – 28 अप्रैल 1967 को माया रानी से विवाह हुआ, दो बेटे, एक बेटी और दो पोते है। – पहला राजनीतिक पद 1989 में महापौर बने। – कानपुर लोक सभा सीट से 1999, 2004, 2009 में 3 बार सांसद बने। – 2004 से 2009 तक केंद्रीय मंत्रालय गृह राज्य मंत्री रहे। – 2011 से 2014 तक कोयला मंत्री रहें। – निधन 28 नवम्बर 2025 को कानपुर स्थित घर पर हुआ।
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