आगरा में सॉफ्टेवयर इंजीनियर ज्ञानेंद्र की राइफल साफ करते समय मौत हो गई। घर-परिवार में माहौल गमगीन है। ज्ञानेंद्र की मौत से उनकी पत्नी बेहाल और मां बेसुध हैं। शुक्रवार को ज्ञानेंद्र की मौत हुई, लेकिन ये सुसाइड है या हादसा… ये सवाल अभी भी बना है। इंजीनियर बेटे की मौत पर पिता सत्यदेव ने कहा- ज्ञानेंद्र हर दिन की तरह अपने ऑफिस के काम में व्यस्त था। उसी दौरान वो राइफल निकालकर साफ करने लगा। झटका लगने की वजह से ऑटोमैटिक राइफल चल गई। जिससे उसकी मौत हो गई। पिता ने सुसाइड की बात से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा- सुसाइड वाली कोई बात नहीं है। घर में सब बढ़िया चल रहा था। किसी से कोई लड़ाई झगड़ा नहीं हुआ, जिससे वो परेशान चल रहा हों। पत्नी से भी कोई बात नहीं हुई है। एक नया घर बन रहा है, जिसका काम वह देख रहा था। इसी कारण वो IBM कंपनी के लिए वर्क फ्रॉम होम कर रहा था। पिता की मौत से बेटे बेसुध, दो दिन से खाना नहीं खाया इंजीनियर के पिता ने बताया- ज्ञानेंद्र के दो बेटे है। दोनों DPS में पढ़ते हैं। जब ज्ञानेंद्र की मौत हुई, तब वो स्कूल गए थे। घर आए तो दोनों पापा को देखकर रोने पड़े। चीख-चीख कर पापा को उठाने का प्रयास कर रहे थे। दोनों ने पापा की याद में खुद को कमरे में बंद कर लिया है। बेसुध हैं, किसी से बात तक नहीं कर रहे हैं। दो दिन से खाना तक नहीं खाया है। घटना की 2 तस्वीरें… छत पर साफ कर रहे थे लाइसेंसी राइफल
राजपुर चुंगी के पन्ना पैलेस में रिटायर्ड सूबेदार सत्यदेव शर्मा परिवार के साथ रहते हैं। वह ब्राह्मण महासभा के संस्थापक भी हैं। उनके बेटे ज्ञानेंद्र शर्मा (42) IBM कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे। इन दिनों वह वर्क फ्रॉम होम पर थे। ज्ञानेंद्र का बड़ा बेटा 15 साल का है और 9वीं क्लास में पढ़ता है। जबकि 11 साल का छोटा बेटा 6ठवीं में पढ़ता है। दोनों DPS स्कूल के छात्र हैं। पिता ने बताया कि सेमी ऑटोमैटिक लाइसेंसी राइफल पहले उनके नाम थी। 2 साल पहले ही ज्ञानेंद्र ने अपने नाम कराई थी। शुक्रवार सुबह ज्ञानेंद्र छत पर राइफल साफ कर रहे थे। इसी दौरान राइफल अचानक चल गई और गोली सीधे ज्ञानेंद्र के सिर में जा लगी। आवाज सुनकर उनकी पत्नी मनीषा भागते हुए छत पर पहुंची। ऊपर पहुंचते ही उन्होंने ज्ञानेंद्र को खून से लथपथ हालत में पाया। हादसे के समय माता-पिता गमी में गए थे
हादसे के समय पिता सत्यदेव और मां अपने घर के पास ही एक गमी में शामिल होने गए थे। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। जिससे साफ हो सके कि गोली चलने की ठीक वजह क्या थी? पिता बोले- साफ करते समय चली गोली
रिटायर्ड सूबेदार सत्यदेव शर्मा ने बताया- ज्ञानेंद्र सुबह छत पर राइफल साफ कर रहा था। आज मैगजीन में एक राउंड मौजूद था। इसका बेटे को अंदाजा नहीं था। जैसे ही उसने राइफल का हिस्सा खोला, अचानक गोली चल गई। पिता ने बताया कि गोली उसके ठोड़ी के नीचे लगी और सिर से निकल गई। गोली की आवाज सुनकर जब तक बहू मनीषा और दूसरे लोग पहुंचते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बहू मनीषा सदमे में है। वह किसी से बात भी नहीं कर पा रही है। हम समझ नहीं पा रहे कि इतना बड़ा हादसा कैसे हो गया? एडीसीपी आदित्य कुमार का कहना है कि घरवालों ने सूचना दी थी। कार्रवाई की जा रही है। घरवालों ने बताया कि लाइसेंसी राइफल की सफाई के दौरान गोली चली। साक्ष्य जुटाए गए हैं। ———————– ये खबर भी पढ़ेंः-
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