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नरसिंहानंद बोले- अरशद मदनी को फांसी दी जाए:उसने जिहाद की कॉल दे दी है, योगी जी दारुल उलूम देवबंद पर बुलडोजर चलाएं

“अरशद मदनी को जल्द से जल्द फांसी दी जाए। दारुल उलूम और इनसे जुड़े जितने भी ठिकाने हैं उन पर बुलडोजर चला जाए। मदनी ने जिहाद की कॉल दे दी है। इन्होंने समझ लिया है कि इनकी जनसंख्या भारत में इतनी हो गई है कि यह पुलिस, सेना और सारे सिस्टम से लड़ सकते हैं। जितने भी मुसलमान मोहम्मद, कुरान और अल्लाह पर विश्वास करते हैं, सब जिहाद करने लगेंगे। हम सबकी हत्या करेंगे। हमारी बेटियों को मंड़ियों में बेचेंगे। हमारे मठ मंदिरों को तोड़कर मस्जिद बनाएंगे। योगी जी इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई कीजिए।” ये कहना है शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर यति नरसिंहानंद गिरी का। उन्होंने रविवार को वीडियो बयान जारी कर सीएम योगी से कार्रवाई की अपील की है। अब कुछ भी बचने वाला नहीं है मैं यह बात योगी जी आपको, पीएम मोदी और मोहन भावगत को अरसे से समझा रहा हूं। इनकी(अरशद मदनी) तैयारी पूरी हो चुकी है। अगर अभी भी मेरी बात नहीं सुनी गई, तो आप यह तय समझिए… अब कुछ भी बचने वाला नहीं है। मैंने अपनी मौत खुद चुनी है। मुझे इसकी चिंता नहीं कि यह मेरा क्या करेंगे। लेकिन आप समझ लीजिए। अगर इन्हें अब नहीं रोका गया तो योगी जी हिंदू समाज आपको कभी भी माफ नहीं करेगा। लोग गांधी से भी अधिक उम्मीद आपसे करते हैं। यह आप करके दिखाइए। युगों-युगों तक आपकी पूजा की जाएगी। इतिहासकारों ने मुस्लिम लुटेरों को बचाने के लिए मनगढंत इतिहास लिखा इससे पहले 27 नवंबर को भी यति नरसिंहानंद ने अपना वीडियो बयान जारी किया था। जिसमें कहा था। झूठे और मक्कार इतिहासकारों ने मुस्लिम लुटेरों के जघन्य अपराध छिपाने के लिए उनके कारनामों को अंग्रेजों पर डालने का प्रयास किया है। उन्होंने अपने समय में यहां ज्ञान के स्रोत को जला कर खाक कर दिया तह। उन्होंने गुरुकुल,विश्वविद्यालय और पुस्तकालय किसी को भी नहीं छोड़ा था। जो हिन्दू राजा इनसे लड़ रहे थे, उनके सारे संसाधन इनसे लड़ने में खर्च हो रहे थे। स्थिति ये थी कि यहां शिक्षा व्यवस्था नाम की कोई वस्तु रह ही नहीं गई थी। यहां जो कुछ भी होता था वो अरबी या फारसी लिपि में होता था। हमारी संस्कृत तो वंशानुगत तरीके से या विद्वानों के व्यक्तिगत प्रयासों से बची है। मैकाले के कारणे ही भारतेंदु हरिश्चन्द्र हिंदी को पहचान दिलाने में कमयाब हो पाए आज सारे हिंदू समाज को जानना चाहिए कि अंग्रेज हमारा दुश्मन जरूर था। लेकिन वो एक शोषक और लालची व्यापारी था। जबकिअरब, तुर्की, ईरान, अफगानिस्तान और ना जाने कहां कहां से आने वाले ये पागल आदमखोर इस्लामिक लुटेरे तो वहशी दरिंदे थे। उन्होंने कहा कि मैकाले के कारणे ही हमें शिक्षा मिल पाई। इतिहासकार एक भी ऐसा विश्वविद्यालय, गुरुकुल या पुस्तकालय का विवरण दे जो अंग्रेजों ने नष्ट किया हो। मैकाले की वजह से भारतेंदु हरिश्चन्द्र हिंदी को पहचान दिलाने में कमयाब हो पाए। ये खबर भी पढ़ेंः-
महिला IPS ने प्रदर्शनकारियों को दौड़ाया, थप्पड़ जड़ा: कानपुर में महिला को ट्रक ने रौंदा, गुस्साई भीड़ का हंगामा कानपुर में बेकाबू ट्रक ने महिला को रौंद दिया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद ट्रक छोड़कर ड्राइवर और कंडक्टर भाग गए। महिला की मौत पर गुस्साए लोगों ने सड़क जाम कर जमकर हंगामा कर दिया। बवाल बढ़ता देखकर चार थानों के 40 पुलिसवाले मौके पर पहुंचे। ADCP ईस्ट IPS अंजलि विश्वकर्मा भी पहुंचीं। उन्होंने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे हंगामा करने पर उतारू थे। भीड़ ने ट्रक में पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को दौड़ा लिया। पढ़ें पूरी खबर…


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