देवरिया में शनिवार दोपहर रोडवेज गेट के पास उस समय हंगामा हो गया, जब ट्रैफिक पुलिस ने कैप्टन अंशुमान सिंह के नाम पर संचालित निगम की ‘शहीद एक्सप्रेस’ बस को कब्जे में ले लिया। इस कार्रवाई से बस में सवार यात्री परेशान हो गए। यह बस प्रतिदिन बरडीहा, लार से लखनऊ और लखनऊ से वापस चलती है। शनिवार को भी यह बस अपने निर्धारित समय पर यात्रियों को लेकर लखनऊ के लिए रवाना हुई थी। बस जब देवरिया रोडवेज गेट के पास पहुंची, तो चालक उदय ने उसे कुछ तकनीकी जांच के लिए रोका। इसी दौरान ट्रैफिक प्रभारी साई गुलाब सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और सड़क किनारे खड़ी बस को जब्त कर लिया। ट्रैफिक टीम ने बस के रोड पर खड़ी कर यात्री बैठाने का हवाला देते हुए कार्रवाई की बात कही। बस चालक उदय और कंडक्टर संतोष कुमार ने इस कार्रवाई का विरोध किया। उन्होंने बताया कि यह बस शासन से स्वीकृत है और वर्षों से नियमित रूप से लार, बरडीहा से लखनऊ तक यात्रियों को सुरक्षित पहुंचा रही है। चालक-परिचालक ने आरोप लगाया कि बिना कोई स्पष्ट कारण बताए ही पुलिस ने बस की चाबी निकालकर उसे बंद कर दिया। पुलिस कार्रवाई के दौरान बस में बैठे यात्रियों को नीचे उतरवा दिया गया, जिससे अफरा-तफरी मच गई। यात्रियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि सरकारी नाम पर चलने वाली बसों के साथ ऐसा व्यवहार होगा, तो आम जनता को भारी परेशानी उठानी पड़ेगी। कई यात्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि जिले में कई अनियमित वाहन धड़ल्ले से चलते हैं, लेकिन ट्रैफिक पुलिस उन पर कार्रवाई नहीं करती। लगभग आधे घंटे तक रोडवेज गेट पर जाम जैसी स्थिति बनी रही। बढ़ती भीड़ और यात्रियों के दबाव को देखते हुए रोडवेज प्रशासन ने यात्रियों को दूसरी बसों में शिफ्ट कराया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो सकी। इस संबंध में पूछे जाने पर टीएसआई गुलाब सिंह ने बताया कि सड़क पर यात्री बैठाने के कारण निगम की बस का चालान किया गया है।
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