प्रयागराज में जेकेवी मल्टीस्टेट क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के डायरेक्टर समेत आठ लोगों पर सिविल लाइंस पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि कंपनी ने तीन वर्षों में निवेश राशि दोगुनी करने का लालच देकर कई लोगों के करोड़ों रुपए गबन किए। पीड़ित कमलकुमार ने बताया कि वह मजदूरी करते हैं और 2015 में अतरसुइया निवासी शर्मिला त्रिपाठी के यहां काम कर रहे थे। शर्मिला ने अपने भाई ज्ञानेश पाठक के बैंक में पैसे जमा करने पर दोगुना लाभ देने का झांसा दिया। झांसे में आकर कमलकुमार ने खाता खोला और दो बार दोगुना रिटर्न मिला, जिससे भरोसा बढ़ा। उसके साथ सुदर्शन कुमार, गिरिजा शंकर, राजनारायण व दिलीप कुमार भी फंस गए। सोसायटी के मीटिंग हॉल में ज्ञानेश पाठक, वागेश मिश्रा, प्रबल कौशिक, अनूप चौधरी, शिवानी गुप्ता, हाफिज सलीम, हाजी अली मोहम्मद व अर्चना पाठक ने लोगों को प्रोत्साहित किया। लालच दिया कि ज्यादा लोग लाएं तो कमीशन मिलेगा। सादे कागज पर हस्ताक्षर करवाकर कमल कुमार से एक लाख व राजनारायण से तीन लाख रुपये जमा करवाए गए। तीन साल पूरे होने पर पैसे लौटाने गए तो आरोपियों ने कहा डायरेक्टर विदेश हैं, लौटने पर दोगुना देंगे। बाद में पता चला कि वे प्रयागराज से करोड़ों लेकर भाग चुके। जांच में खुलासा हुआ कि इनके खिलाफ कई राज्यों में 39 एफआईआर दर्ज हैं। बरेली, उत्तराखंड व अन्य जगहों पर भी इसी तरह ठगी के केस सामने आए, जहां निवेशकों को प्लॉट व दोगुना रिटर्न का वादा किया गया। यह सोसायटी गरीबों व बेरोजगारों को निशाना बनाती रही। पीड़ितों ने जेवरात बेचकर भी निवेश किया, लेकिन सब व्यर्थ। पुलिस ने ज्ञानेश पाठक (अध्यक्ष), ललित पाठक, महेश पाठक, आनंद कुमार त्रिपाठी, डॉ. नवल किशोर, निर्मला दुबे व विनीता चतुर्वेदी पर कार्रवाई की। आरोपी अनूप चौधरी जैसे लोग पहले भी गिरफ्तार हो चुके।
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