गाजियाबाद में प्रदूषण में आज राहत है, अभी भी एक्यूआई रेड जोन में है। पिछले 3 दिनों में एक्यूआई में हल्की गिरावट आ रही है, जिससे जहरीली हवा से राहत मिलती दिखाई दे रही है। आज शनिवार नोएडा देश में प्रदूषण के मामले में पहले स्थान पर है। इसके बाद दिल्ली और फिर गाजियाबाद की स्थिति है। गाजियाबाद में डीजल से चलित ऑटो टेंपो बंद हैं, वहीं बीएस 4 वाहन भी प्रतिबंधित हैं। धूप खिलने पर मौसम साफ गाजियाबाद में शनिवार सुबह से हल्की धूप खिली है। आज सुबह के समय तापमान 8. 1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, दिन में अधिकतम तापमान 24.4 डिग्री रहने का पूर्व अनुमान है। हवा की गति 10 किलोमीटर प्रति घंटा से है। सुबह के समय प्रदूषण अधिक रहने के चलते हल्की धुंध रही। दिल्ली और यूपी में इन जिलों का AQI सबसे अधिक आंखों में होने लगती है जलन केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुमान अब एक्यूआई बढ़ने की अधिक संभावना नहीं है, यदि बढ़ता है तो ऐसे में सांस संबंधी रोगियों के लिए यह और अधिक खतरनाक साबित हो सकता है। लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश और अस्वस्थता जैसी समस्या हो सकती है। गाजियाबाद के पल्मोनोलोजिस्ट डॉ. शरद जोशी ने बचाव के लिए सभी को बाहरी गतिविधियों के दौरान N95 या डबल सर्जिकल मास्क पहनने की सलाह दी है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। वहीं, प्रशासन ने भी प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। ये हैं शहरों में पॉल्यूशन के बड़े कारण प्रदूषण की वजह पराली जलाना उत्तर और मध्य भारत में दिवाली के बाद पराली जलाने का सिलसिला शुरू हो जाता है। इस वजह से प्रदूषण बढ़ने की रफ्तार भी तेज होने लगती है। हरियाणा और पंजाब में सबसे ज्यादा पराली जलाई जाती है। 2015 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने पराली जलाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था। इससे किसानों को पराली का सफाया करने में परेशानी होने लगी। केंद्र सरकार ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) अधिनियम 2021 के तहत पराली जलाने पर नियम लागू किए। इसके मुताबिक 2 एकड़ से कम जमीन पर पराली जलाने पर 5,000 रुपए जुर्माने का प्रावधान है। 2 से 5 एकड़ जमीन पर 10,000 रुपए और 5 एकड़ से ज्यादा जमीन पर पराली जलाने पर 30,000 रुपए का जुर्माना लगता है।
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