गंगा में वाटर बोट का ट्रायल शुरू हो गया है। अगले महीने से इनके नियमित संचालन की उम्मीद है। हालांकि संचालन से पहले यात्रियों के चढ़ने-उतरने के लिए जेटी की जरूरत होगी। पहले चरण में चार बोट चलेंगे। इनमें फिलहाल दो का ट्रायल सफल रहा है। रामनगर से नमो घाट तक इनका संचालन प्रस्तावित है। दरअसल, गुजरात की एक कम्पनी ने लगभग दो वर्ष पहले सीएसआर फंड से 10 वाटर बोट दिये थे। इनके संचालन का जिम्मा वाराणसी सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (वीसीटीएसएल) को दिया गया लेकिन किन्हीं कारणों से ये चल नहीं पाए। इस बीच, इन्हें पर्यटन विभाग को हैंडओवर करने की प्रक्रिया भी शुरू हुई लेकिन एक बार फिर सिटी ट्रांसपोर्ट को ही संचालन का जिम्मा मिला। अभी इन्हें राल्हूपुर (रामनगर) स्थित मल्टी मॉडल टर्मिनल (बंदरगाह) पर खड़ा किया गया है। प्रशासन ने किया है निषाद से अनुबंध अब वीसीटीएसएल ने सेवा प्रदाता रामनरेश निषाद से संचालन के लिए अनुबंध किया है। इनकी बुकिंग ऑनलाइन और ऑफलाइन होगी। ऑनलाइन बुकिंग के लिए सेवा प्रदाता एप या कोई अन्य माध्यम की सुविधा देगा। अनुबंध की शर्तों के अनुरूप इनमें बाहरी और भीतरी आवरण में कई बदलाव किए गए हैं। इनमें बेहतर दृश्यता के लिए दोनों साइड में बड़े शीशे, सीटों के कवर बदलने समेत बॉडी में भी बदलाव किया गया है। फिलहाल दो बोट को ‘संवारने’ के बाद इनका ट्रायल किया जा रहा है। दो अन्य बोट के सुंदरीकरण का कार्य भी चल रहा है। बोट के लिए लगेगा जेटी सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (वीसीटीएसएल) एके सिंह ने बताया कि यात्रियों के चढ़ने-उतरने के लिए घाटों पर जेटी लगाने की जरूरत होगी। इसकी व्यवस्था के लिए नगर निगम से पत्राचार किया जा रहा है। पचास यात्रियों के बैठने की क्षमता एक बोट में 50 यात्रियों के बैठने की क्षमता है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली कमेटी ने इनके किराये का अनुमोदन भी कर दिया है। इसका न्यूनतम किराया 125 रुपये और अधिकतम 325 रुपये प्रति व्यक्ति रखा गया है। वहीं, दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती देखने के लिए दो घंटे का प्रति व्यक्ति किराया 175 रुपये होगा।
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