हांगकांग पुलिस के डिज़ास्टर विक्टिम आइडेंटिफिकेशन यूनिट के अधिकारी चेंग का–चुन ने बताया कि अब तक सात में से चार बिल्डिंगों की तलाशी ली जा चुकी है. उनका कहना है कि इमारतें संरचनात्मक रूप से सुरक्षित हैं, लेकिन अंदर घना अंधेरा और कम रोशनी होने के कारण खोज में काफी समय लग रहा है. गौरतलब है कि कई हिस्सों में खिड़कियों तक से रोशनी नहीं पहुंच पा रही है, जिससे टीमें धीमी गति से आगे बढ़ पा रही हैं.
ताज़ा तलाशी में और 30 शव मिले हैं, जिनमें 12 ऐसे भी थे जिन्हें दमकलकर्मियों ने पहले ढूंढ तो लिया था लेकिन निकाला नहीं जा सका था. पुलिस की कैजुअल्टी यूनिट प्रमुख सैंग शुक–यिन ने बताया कि करीब 100 लोग अभी भी लापता हैं और 79 से अधिक लोग घायल हुए हैं.
घटना स्थल पर लोगों की भीड़ लगातार बढ़ रही है. रविवार को सैकड़ों लोग फूल, संदेश और प्रार्थनाएं लेकर वहां पहुंचे, कई ने सिर झुकाकर पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की. स्थानीय निवासी लियान शूझेंग ने कहा कि यह घटना सभी के लिए चेतावनी है, खासकर शहर में मौजूद सुपर हाइ-राइज इमारतों को देखते हुए.
बता दें कि आग बुधवार को लगी थी और शुक्रवार तक ही पूरी तरह बुझाई जा सकी. कई रहवासी अपना सब कुछ खो चुके हैं, ऐसे में लोग राहत सामग्री और ज़रूरत का सामान दान कर रहे हैं. आग के कारण का अभी पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्राधिकरण किसी भी प्रकार की अफवाह या राजनीतिक रंग देने से बचने की अपील कर रहे हैं.
चीन की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी ने शनिवार को चेतावनी दी कि कोई भी व्यक्ति इस हादसे का इस्तेमाल अशांति फैलाने के लिए न करे, अन्यथा हांगकांग राष्ट्रीय सुरक्षा कानून और ‘सेफगार्डिंग नेशनल सिक्योरिटी ऑर्डिनेंस’ के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी. गौरतलब है कि 2019 के प्रदर्शन के बाद से ऐसे मामलों में सरकार संवेदनशील रुख अपनाए हुए है.
वांग फुक कोर्ट कॉम्प्लेक्स की आठों इमारतें 31 मंज़िला हैं और इन पर मरम्मत का काम चल रहा था. इमारतें बांस की मचान और नायलॉन जालियों से ढकी थीं और खिड़कियों पर पॉलीस्टरीन शीट लगी हुई थीं. अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है कि क्या मरम्मत कार्य के दौरान फायर सेफ्टी को लेकर कोई लापरवाही हुई थी. सरकार ने उसी ठेकेदार की 28 अन्य परियोजनाओं पर भी तत्काल काम रोकने का आदेश दिया है.
सरकार ने कहा है कि इस आग ने साइट सेफ्टी मैनेजमेंट की गंभीर खामियां उजागर की हैं, जिसमें खिड़कियों को बंद करने के लिए बड़े पैमाने पर फोम बोर्ड के इस्तेमाल जैसे जोखिमपूर्ण तरीक़े शामिल हैं. कंपनी ने इस पर अब तक कोई टिप्पणी नहीं की है.
कॉम्प्लेक्स में लगभग 2,000 फ्लैट और 4,600 से अधिक निवासी रहते थे. कई परिवारों को अस्थायी आश्रयों या शहर के होटलों में रखा गया है और सरकार दीर्घकालिक समाधान पर विचार कर रही है. स्थानीय सिविल सर्वेंट जेफ़री चान ने कहा, “एक ही रात में परिवारों को टूटते देखना दिल दहला देने वाला है. हमें इन लोगों को हिम्मत और सहारा देना होगा.”
इस बीच बीजिंग के आपात प्रबंधन मंत्रालय ने पूरे देश में हाई-राइज इमारतों की फायर सेफ्टी की विशेष जांच का आदेश दिया है. मंत्रालय ने कहा है कि बांस की मचान, गैर-अग्निरोधी नेटिंग और फायर हाइड्रेंट, स्प्रिंकलर तथा अलार्म जैसी प्रणालियों की व्यापक जांच की जाएगी.
बता दें कि वांग फुक कोर्ट की यह आग 1948 के उस भीषण गोदाम हादसे के बाद सबसे घातक है, जिसमें 176 लोग मारे गए थे. इस घटना ने आधुनिक हांगकांग में सुरक्षा मानकों और निगरानी पर नए सिरे से बहस छेड़ दी है और शहर अब भी भारी सदमे में है.
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