तमिलनाडु के तटीय इलाकों में हालात पर सभी की नज़र बनी हुई है। मौजूद जानकारी के अनुसार चक्रवात दित्वाह धीरे-धीरे उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ते हुए तमिलनाडु और पुडुचेरी के करीब पहुंच रहा है। बता दें कि भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने रविवार के लिए रेड अलर्ट जारी किया है और अगले कुछ घंटों में मौसम के और खराब होने की संभावना जताई है।
गौरतलब है कि चक्रवात के असर से चेन्नई एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ है। एयरपोर्ट प्रशासन ने जानकारी दी कि कुल 47 उड़ानें 36 घरेलू और 11 अंतरराष्ट्रीय आज रद्द कर दी गई हैं। अधिकारी यह भी कह रहे हैं कि अगर हवाएं और तेज़ होती हैं तो रद्द की गई उड़ानों की संख्या बढ़ सकती है। यात्रियों को एयरलाइन से संपर्क करने और समय की पुष्टि करने की सलाह दी गई है।
IMD के अनुसार, चक्रवात ने पिछले छह घंटे में लगभग 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़त दर्ज की है। उम्मीद है कि यह सिस्टम रविवार सुबह उत्तर तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों के बेहद करीब पहुंच जाएगा। मौसम विभाग का अनुमान है कि रविवार शाम तक यह तटरेखा से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर गुजर सकता है।
मौसम बुलेटिन के मुताबिक, उत्तर तटीय तमिलनाडु और पुडुचेरी में 60–70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चलने की आशंका है, जो झोंकों में 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती हैं। समुद्र भी ऊंची लहरों के साथ उफान पर रहेगा। हालांकि, विभाग का कहना है कि 1 दिसंबर की सुबह से समुद्री परिस्थितियों में धीरे-धीरे सुधार शुरू हो सकता है। मछुआरों को फिलहाल समुद्र में न जाने की कड़ी सलाह दी गई है।
तमिलनाडु सरकार ने भी एहतियात के तौर पर व्यापक तैयारियां की हैं। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री के. के. एस. एस. आर. रामचंद्रन ने बताया कि राज्य में 6,000 राहत शिविर तैयार किए गए हैं, हालांकि अब तक बहुत कम लोग इनमें पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि NDRF और SDRF की कुल 28 टीमें तैनात हैं, जबकि अतिरिक्त दस टीमों को भी बुलाया गया है। जरूरत पड़ने पर कोस्ट गार्ड की मदद लेने की तैयारी भी की गई है।
उधर, उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने कई क्षेत्रों में निरीक्षण कर स्थिति का जायज़ा लिया है और चेन्नई में स्टेट डिज़ास्टर फ़ोर्स कंट्रोल रूम का निरीक्षण भी किया है।
बता दें कि चक्रवात दित्वाह का प्रभाव इससे पहले श्रीलंका में भारी तबाही मचा चुका है। वहां से मिली रिपोर्टों के अनुसार, अब तक 123 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 130 लोग लापता बताए जा रहे हैं। करीब 15,000 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं और लगभग 44,000 लोग राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हुए हैं। स्थिति पर नज़र रखने के साथ प्रशासन पूरी एहतियात बरत रहा है और तटीय जिलों में सभी विभाग हाई अलर्ट पर हैं। तमिलनाडु सहित पूरे दक्षिणी तटीय क्षेत्र में चौकसी बढ़ा दी गई है और हालात पर नज़र बनाए रखी जा रही है, जिससे कोई बड़ी क्षति न हो पाए हैं।
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