सीजेआई सूर्यकांत ने शनिवार को कहा, ‘भारतीय ज्यूडिशियरी के सामने असली चुनौती जमीनी लेवल पर है। डिस्ट्रिक्ट ज्यूडिशियरी कितनी तेजी, इंसानियत और समझदारी से काम करती है और कितनी आजादी से बिना डरे न्याय देती है, यह पूरे ज्यूडिशियल इन्फ्रास्ट्रक्चर का सबसे जरूरी हिस्सा है।’ उन्होंने कहा कि किसी भी सिस्टम के लिए पहली चिंता यह है कि डिस्ट्रिक्ट ज्युडिशियरी केस करने वालों को न्याय दे सके। जो न्याय चाहने वाले ज्यादातर नागरिकों के लिए पहला कॉन्टैक्ट पॉइंट है। सीजेआई शनिवार को दिल्ली में बार काउंसिल ऑफ इंडिया के आयोजित सम्मान समारोह में पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए कि जिला अदालतें सही तरह से न्याय न दे सकें। क्योंकि 70 प्रतिशत लोगों के मामले जिला स्तर पर ही तय होते हैं, इसलिए यह पूरी व्यवस्था की सबसे बड़ी चिंता होनी चाहिए। सीजेआई सूर्यकांत के हाल के लिए दिए बयान… 28 नवंबर: गरीबों के लिए आधी रात तक बैठ सकता हूं CJI जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि गरीबों को न्याय दिलाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, उनके लिए वे आधी रात तक कोर्ट में बैठ सकते हैं। जस्टिस जॉयमाल्या बागची के साथ बेंच में बैठे CJI ने यह टिप्पणी एक याचिका की सुनवाई के दौरान की थी। उन्होंने कहा था कि मेरी अदालत में कोई लग्जरी मुकदमेबाजी नहीं है। ऐसे मामले अमीर लोग ही लड़ते हैं। मैं आपको बता दूं,मैं यहां सबसे छोटे, सबसे गरीब अंतिम पंक्ति के व्यक्ति के लिए हूं। अगर जरूरत पड़ी, तो मैं उनके लिए आधी रात तक यहां बैठूंगा। पूरी खबर पढ़ें…
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