पूर्णिया शहर में घर से चोरी छिपे डुप्लीकेट कीटनाशक बनाया जा रहा था। अवैध रूप से कीटनाशक तैयार किया जाता और फिर मनमाना कीमतों पर उसे बेच दिया जाता था। इसके छिड़काव से खेतों के बंजर होने की शिकायत आ रही थी। रेड में इस फैक्ट्री से 5 लाख का नकली कीटनाशक और पैकेट, कच्चा माल और मशीन बरामद हुआ है। मामला सदर थाना क्षेत्र के रामबाग इलाके का है। सहायक निदेशक पौधा संरक्षण, सदर थाना की पुलिस और कंपनी के ऑफिसर्स की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर इस नकली फैक्ट्री का खुलासा किया है। रेड में डुप्लीकेट कीटनाशक की नकली फैक्ट्री चलाने वाले धंधेबाजों को भी रंगे हाथ पकड़ा है। ज्वाइंट रेड में पकड़ाए धंधेबाजों की पहचान सदर थाना क्षेत्र के रामबाग निवासी रंजीत चौधरी और राम प्रकाश चौधरी के रूप में की गई है। रामबाग के रंजीत चौधरी और राम प्रकाश चौधरी के घर में छापामारी की जानकारी देते हुए पौधा संरक्षण विभाग के सहायक निदेशक जय किशन कुमार ने बताया कि कीटनाशक कंपनी की ओर से शिकायत मिली थी कि शहर में डुप्लीकेट कीटनाशक दवाई का तैयार किए जाने का कारोबार चल रहा है। मिली शिकायत की पड़ताल की गई और फिर इसके बाद जिला कृषि पदाधिकारी के द्वारा एक विशेष टीम गठित की गई। गठित टीम में कृषि विभाग के पदाधिकारी, सदर थाना के पुलिस और कंपनी के ऑफिसर्स शामिल रहे। टीम ने संयुक्त रूप से रामबाग के रंजीत चौधरी और राम प्रकाश चौधरी के घर में छापामारी की। रेड में इंडोफिल कंपनी का नकली स्प्रिंट और इंडोफिल M 45 नकली पेस्टीसाइड, नकली कीटनाशक का पॉकेट, कच्चा माल और शील करने का मशीन बरामद हुआ। वहीं पकड़े गए नकली कीटनाशक की कीमत 5 लाख रुपए बताई जा रही है। इससे पहले भी तीन बार इस तरह की कार्रवाई की जा चुकी है। गठित टीम में पौधा संरक्षण विभाग के सहायक निदेशकजय किशन कुमार, पूर्णिया की अनुमंडल कृषि पदाधिकारी बेबी कुमारी, कृषि समन्वयक संतोष कुमार मिश्रा के अलावा कंपनी के प्रतिनिधि रंजीत कुमार सिंह मौजूद रहे। पूछताछ में पकड़ाए लोगों ने सफाई देते हुए बताया कि नकली किसी अनजान व्यक्ति ने उन्हें पैक करने के लिए ये सामान दिया था। पूछे जाने पर किसी का मोबाइल नंबर और पता तक नहीं बताया गया। लोगों को यही सलाह है कि किसी अनजान व्यक्ति से किसी भी तरह की सामग्री न लें और ना ही पैक करें।
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