‘पहले कागज पर सवाल लिखकर विधानसभा अध्यक्ष के चेंबर के बाहर रखे बॉक्स में डालता था। अब सब कुछ बदल गया है। मोबाइल से ही सवाल पूछिए, जवाब ऑनलाइन। कागज ढोने की जरूरत नहीं।’ बिहारीगंज से चुनाव जीतने वाले JDU विधायक निरंजन मेहता चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान लिए बताते हैं। विधायक के रूप में 10 साल काम करने का अनुभव है। तीसरे कार्यकाल के लिए चुने गए हैं। 18वीं, विधानसभा के लिए सदन में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। इसे पेपरलेस कर दिया गया है। सवाल पूछने से लेकर जवाब पाने तक विधायक सभी काम टैबलेट की मदद से करेंगे। उनकी सीट पर टैबलेट लगाए गए हैं। संडे बिग स्टोरी में पढ़िए पेपरलेस सिस्टम कैसे काम करेगा? कामकाज कितना आसान हो गया है? सदन के अंदर और बाहर किस तरह के बदलाव किए गए हैं? हाईटेक बना सदन, विधायकों के लिए लगे टैबलेट 1 दिसंबर से 18वीं विधानसभा का पहला सत्र शुरू होगा। विधानसभा में कई बड़े बदलाव दिखेंगे। अब पेपर सिस्टम खत्म हो गया है। सभी काम डिजिटल फॉर्मेट में होंगे। विधानसभा में 243 विधायकों के बैठने की जगह है। इसके साथ ही विधानसभा अध्यक्ष व अन्य अधिकारियों की सीट है। सदन में आसन और विधायकों के सीट पर टैबलेट लगाए गए हैं। इसी पर MLA को पूछे गए सवालों के जवाब मिलेंगे। विधायक अपने भाषण या सवाल पहले ऐप पर अपलोड करेंगे। इसके बाद जरूरत के अनुसार उसका इस्तेमाल करेंगे। विधानसभा अध्यक्ष सदन की कार्यवाही टैबलेट की मदद से चलाएंगे। विधानसभा सचिव समेत अन्य कर्मियों को भी टैबलेट दिए गए हैं। इससे पूरे सदन का लुक हाईटेक हो गया है। NeVA की मदद से विधायक पूछेंगे सवाल, ऑनलाइन मिलेगा जवाब सवाल पूछने से लेकर जवाब देने तक, सब काम ऑनलाइन होंगे। इसके लिए ‘नेशनल ई-विधान’ (NeVA) ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जा रहा है। विधायक अपने मोबाइल फोन या टैबलेट पर NeVA ऐप इंस्टॉल करेंगे। यह एंड्रॉइड और आईओएस दोनों तरह के ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए उपलब्ध है। विधायक अपने सवाल NeVA ऐप के जरिए पूछेंगे। उन्हें जवाब ऑनलाइन मिलेंगे। मंत्री विधानसभा के अंदर टैबलेट का इस्तेमाल कर विधायक के सवाल का जवाब देंगे। सदस्य अपने भाषण ऐप के जरिए अपलोड कर सकते हैं और विधानसभा में टैबलेट देखकर दे सकते हैं। टैबलेट मूवेबल है। क्या है नेशनल ई-विधान? नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन (NeVA) डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत एक मिशन-मोड प्रोजेक्ट है। इसका उद्देश्य विधानसभा में डिजिटल फॉर्मेट में कामकाज कराना है। गुजरात, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, बिहार, नगालैंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, केरल, आंध्र प्रदेश और गोवा में इस प्रोजेक्ट के तहत काम हो रहा है। विधायक कैसे पूछेंगे सवाल, कैसे मिलेगा जवाब? NeVA का इस्तेमाल विधायक सवाल पूछने में कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें टैबलेट या मोबाइल फोन में NeVA ऐप इंस्टॉल करना होगा। इसके बाद यूजरनेम और पासवर्ड डालकर लॉगइन करना होगा। लॉगइन करने के बाद विधायक अपने सवाल या नोटिस ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। सवाल जिस मंत्रालय से जुड़ा होगा उसके पास जाएगा। संबंधित मंत्रालय द्वारा जो जवाब दिया जाएगा वह विधायक को मिल जाएगा। सदन में लगाए गए सेंसर वाले माइक विधानसभा में ई-विधान प्रोजेक्ट के तहत नए सेंसर वाले माइक लगाए गए हैं। इससे कार्यवाही अधिक सुचारू और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी। ये माइक विधायक के बैठने के स्थान के अनुसार चालू या बंद हो जाते हैं। विधायक के माइक का कंट्रोल स्पीकर के हाथ में होता है। विधायक के माइक को ऑन करना है या ऑफ, इसके लिए कंट्रोलर काम करते हैं। जब विधायक के बोलने की बारी आती है तो कंट्रोलर उनकी माइक ऑन करते हैं। विधायक की बात पूरी होते ही माइक ऑफ कर दी जाती है। कोशिश रहती है कि सदन में एक बार में एक सदस्य का माइक ऑन रहे ताकि शोर न हो। लगाए गए 6 बड़े टीवी, नए हेड सेट सदन में 6 बड़े टीवी लगाए गए हैं। वोटिंग के दौरान इनमें रिजल्ट दिखेगा। मतदान के समय सदस्यों की गिनती दिखाई जाएगी। सदन में हाई-स्पीड वाई-फाई की सुविधा दी गई है। विधायक सदन में कही गई बातों को सुनने के लिए हेड सेट इस्तेमाल करते हैं। हंगामे के दौरान इसका महत्व बढ़ जाता है। विधायकों को सुनने के लिए मिले हेड सेट बदले गए हैं। नए हाईटेक हेडसेट लगाए गए हैं। हर सीट पर हेड सेट के साथ डिजिटल डिस्प्ले लगाया गया है। वॉल्यूम कम और ज्यादा करने के लिए सॉफ्ट बटन दिया गया है। डिस्प्ले पर वॉल्यूम डिजिटली दिखाई देता है। रेनोवेट हुआ सदन सदन को रेनोवेट किया गया है। सीट के गद्दों को बदला गया है। नए विदेशी मार्बल लगाए गए हैं। इससे सदन की सुंदरता बढ़ गई है। वेल के हिस्से में कारपेट बदला गया है। विधानसभा परिसर का लुक भी बदला-बदला नजर आ रहा है। कोलकाता से मंगाए गए मैक्सिकन ग्रास विधानसभा परिसर का लॉन सुंदर बनाया गया है। यहां कोलकाता से मंगाकर मैक्सिकन घास लगाई गई है। इसके लिए लॉन की पुरानी मिट्टी हटाई गई और गंगा किनारे से नई मिट्टी लाकर बिछाई गई है। गंगा नदी की मिट्टी बेहद उपजाऊ होती है। यह मैक्सिकन घास के बढ़ने के लिए अच्छी है। घास पर रोज पानी छिड़का जा रहा है। इसपर कदम रखने पर विधायकों को मखमली एहसास मिलेगा। लॉन किनारे गेंदा और गुलदाउदी के पौधे लगाए गए हैं। इम्पोर्टेड स्टोन किनारे को और खुबसुरत बना रहे हैं। बगीचे का रंग रूप भी बदला गया है। 323 टैबलेट और माइक लगाने की है जगह विधानसभा में नई व्यवस्था भविष्य की जरूरत को ध्यान में रखकर बनाई गई है। मौजूदा समय में बिहार में 243 विधायक चुनकर सदन पहुंचते हैं। सदन में 323 टैबलेट और माइक लगाने की जगह दी गई है। इसकी वजह अगले लोकसभा चुनाव से पहले देश में परिसीमन होना है। इसके बाद बिहार में विधानसभा की सीटें 243 से बढ़कर लगभग 323 हो सकती हैं। एनआईसी को मिली जिम्मेदारी विधानसभा सचिवालय ने सदन के काम-काज को हाईटेक करने की जिम्मेदारी एनआईसी को सौंपी है। एनआईसी ने सिस्टम तैयार कर लिया है। इसे फाइनल टच दिया जा रहा है। शपथ ग्रहण से पहले यह काम करने लगेगा। सदन में लगे 248 टैबलेट, 16-17 विधायकों को बगल में झांकना होगा वैसे तो सदन में 248 टैबलेट लगाए गए हैं। सभी विधायक और मंत्री को टैबलेट देना है। स्पीकर, सचिव और टेबल रिपोर्टर के लिए भी टैबलेट लगाए गए हैं, लेकिन विधान परिषद कोटे से बने मंत्रियों के चलते विधायकों के टैबलेट कम पड़ गए हैं। मुख्यमंत्री समेत 6 मंत्री विधान परिषद के सदस्य हैं। दूसरी ओर टैबलेट लगाने में एक और समस्या सामने आई है। कोने के सबसे आगे की लाइन में टैबलेट लगाने की जगह नहीं है। इसके चलते यहां बैठने वाले विधायकों को तत्काल टैबलेट की सुविधा नहीं मिलेगी। इन्हें बगल के सदस्य के टैबलेट का इस्तेमाल करना होगा। कुल मिलाकर 16-17 विधायकों को बगल के साथी के टैबलेट का सहारा लेना होगा। सचिवालय कर्मी बोले- हमारा काम हुआ आसान सदन में काम हो सके इसके लिए विधानसभा सचिवालय के कर्मचारी काफी मेहनत करते हैं। पेपर लेस व्यवस्था होने पर इन्हें भी राहत मिलेगी। नाम नहीं छापने की शर्त पर कुछ कर्मियों ने बताया कि इससे हमारा काम आसान होगा। पुराने वक्त को याद करते हुए एक कर्मचारी ने कहा, ‘हमें 40-50 फीट लंबे पेपर पर लिखना होता था। पेन से लिखते-लिखते उंगलियों पर गड्ढे पड़ जाते थे। इन पेपर की प्रिंटिंग गुलजारबाग स्थित सरकारी प्रेस में होती थी। इसके लिए हमें हार्ड कॉपी लेकर जाना पड़ता था। अब सब कुछ आसान हो गया है। सॉफ्ट कॉपी प्रेस को भेजते हैं। कहीं कुछ गलती मिली तो सुधार कर देते हैं।’ टैबलेट मिलने से विधायक खुश टैबलेट लगाए जाने की सूचना से विधायक भी खुश हैं। बिहारीगंज से चुनाव जीतने वाले निरंजन मेहता को विधानसभा में होने वाली कार्यवाही का 10 साल का अनुभव है। उन्होंने कहा, ‘अभी तक मैं कागज पर लिखकर सवाल पूछता था। इसके लिए स्पीकर के चैंबर के बाहर दो बॉक्स रखे गए थे। एक बॉक्स में तारांकित और दूसरे में अल्पसूचित प्रश्न डालता था। हमें जवाब हार्ड कॉपी के रूप में मिलती थी।’ निरंजन ने कहा, ‘ऑनलाइन प्रश्न पूछने की व्यवस्था पहले भी थी, लेकिन हम लोग इतना इस्तेमाल नहीं करते थे। अब नई व्यवस्था से बड़ी आसानी होगी। हमें कागज लेकर सदन में नहीं जाना होगा। सब काम ऑनलाइन हो गया है।’ 1 दिसंबर से शुरू होगा विधानमंडल सत्र 1 दिसंबर से विधानमंडल का सत्र शुरू होगा। पहले दिन नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई जाएगी। 2 दिसंबर को विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा। 3 दिसंबर को दोनों सदनों की बैठक को राज्यपाल संबोधित करेंगे। 4 दिसंबर को राज्यपाल के भाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर सरकार जवाब देगी। 5 सितंबर को द्वितीय अनुपूरक व्यय विवरणी पर चर्चा होगी।
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