संतकबीरनगर में रविवार को सवर्ण समाज ने यूजीसी कानून के विरोध में खलीलाबाद शहर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने दुकानें बंद करवाईं और खलीलाबाद बाईपास पर चक्का जाम किया, जिससे शहर में यातायात बाधित हुआ। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। विरोध प्रदर्शन में शामिल सैकड़ों लोगों ने इस कानून को ‘काला कानून’ बताते हुए इसे तत्काल रद्द करने की मांग की। सवर्ण समाज के सदस्य खलीलाबाद शहर के जूनियर हाई स्कूल में एकत्र हुए और वहां से विरोध मार्च निकाला। यह मार्च बैंक चौराहा, समय माता मंदिर से होते हुए मेंहदावल बाईपास तक पहुंचा। मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘यूजीसी एक्ट वापस लो’, ‘सवर्ण एकता जिंदाबाद’ और ‘केंद्र सरकार होश में आओ’ जैसे नारे लगाए। सड़क जाम के कारण लगभग एक घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आम लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन में शामिल शुभम राय और एडवोकेट सत्यव्रत राय ने कहा कि यूजीसी एक्ट छात्रों के बीच फूट डालने वाला कानून है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कानून छात्रों को बांटने और एक वर्ग विशेष को निशाना बनाने के उद्देश्य से लाया गया है, ठीक उसी तरह जैसे अंग्रेजों ने आजादी के आंदोलन को दबाने के लिए रॉलेट एक्ट लागू किया था। नेताओं ने विशेष रूप से सवर्ण जाति के छात्रों के लिए इस कानून को अन्यायपूर्ण बताया। उन्होंने मांग की कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए, न कि किसी विशेष वर्ग को परेशान करने के लिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल रोक लगाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि इस कानून को पूरी तरह निरस्त किया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार इस कानून को वापस नहीं लेती है, तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और तेज किया जाएगा। इस मौके पर अखिलेश्वर राय, अरविंद पांडेय, शुभम राय, सूर्यभान सिंह, गोलू पाठक, संदीप पाठक, सक्षम श्रीवास्तव, आशुतोष पांडेय शत्रुजीत राय, रतन सिंह, रजत सिंह, गौरव प्रताप सिंह, कृष्ण कुमार राय, अंशुमान सिंह, कृष्ण कुमार राय, किशन पाल, प्रीतम राय, संदीप पाठक, अखिलेश पाठक, प्रिंस राय, मारुति नंदन मिश्रा, अनुराग पांडेय, विजय मिश्रा सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
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