चित्रकूट में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के विभिन्न संगठनों ने यूजीसी (UGC) बिल के समर्थन में एक बड़ा प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने उपजिलाधिकारी कर्वी को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। संगठनों ने उच्च शिक्षा संस्थानों में संविधान द्वारा प्रदत्त समानता, सामाजिक न्याय और वंचित वर्ग के संरक्षण के उद्देश्य से लाए गए यूजीसी कानून को लागू करने की मांग की। उन्होंने सरकार द्वारा लाए गए इस बिल का पूर्ण समर्थन किया। आभास महासंघ चित्रकूट के जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार सनेही ने बताया कि 13 जनवरी 2026 को सरकार द्वारा लाया गया यूजीसी कानून स्वागत योग्य है। यह देश के दबे-कुचले, शोषित, पीड़ित, वंचित और 85% बहुजन समाज के बच्चों के हित में है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रभुत्ववादी और सामंतवादी विचारधारा के लोगों द्वारा इस कानून का असंवैधानिक रूप से विरोध करने पर माननीय सुप्रीम कोर्ट ने 29 जनवरी 2026 को इस पर रोक लगा दी है। समाजसेवी जानकीशरण प्रजापति ने कहा कि वे यूजीसी बिल का समर्थन करते हैं क्योंकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस पर रोक लगाए जाने से देश के दबे-कुचले, शोषित, पीड़ित और वंचित समाज के हक और अधिकारों पर कुठाराघात हुआ है। इसके कारण पूरे देश में बहुजन समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने जोर दिया कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय का स्थान देता है। त्रिभुवन सिंह यादव ने बताया कि देश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में यूजीसी कानून लागू किया जाना अत्यंत आवश्यक है। इसी मांग को लेकर SC, ST और OBC संगठनों ने यह प्रदर्शन किया और यूजीसी बिल को तत्काल लागू कराने की अपील की। इस अवसर पर आभास महासंघ के जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार सनेही, समाजसेवी जानकी शरण प्रजापति, एडवोकेट विनोद पाल, त्रिभुवन सिंह यादव, धर्मेंद्र कुमार भास्कर, रजनीश एडवोकेट, सीएल भारती, कंचन सिंह एडवोकेट, मीरा भारती, शिव नरेश, लक्ष्मी प्रसाद फौजी, प्रकाश चंद्र दिनेश, मानसिंह पटेल, लक्ष्मण पटेल, मोहित कुमार, अनुरोध कुमार, तीरथ प्रसाद, हनुमान प्रसाद, श्याम सुंदर, संजय कुमार, विपिन कुमार, कुबेर प्रसाद पाल, विनय पाल, चंद्रभान भारती, वासुदेव, विनोद कुमार वर्मा और महेंद्र प्रताप सहित लगभग तीन सौ लोग मौजूद रहे।
https://ift.tt/ZjIt1U2
🔗 Source:
Visit Original Article
📰 Curated by:
DNI News Live

Leave a Reply