KGMU के ब्लड एंड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग में सीसीटीवी कैमरा लगाए जाने को लेकर नया विवाद सामने आया हैं। विभाग के एक शिक्षक द्वारा सुरक्षा कारणों से अपने निजी खर्च पर सीसीटीवी कैमरा लगवाए जाने के बाद मामला प्रशासनिक स्तर तक पहुंच गया है। निजी खर्च से लगाया गया कैमरा
जानकारी के अनुसार, विभाग के एक पुरुष शिक्षक ने अपने खिलाफ पूर्व में लगे आरोपों और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए प्रशासन को पत्र लिखा था। अनुमति न मिलने पर उन्होंने स्वयं के खर्च से कैमरा लगवाया और इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को भी दी। जांच में निर्दोष मिलने का किया था दावा
शिक्षक का कहना है कि उनके खिलाफ पहले झूठे आरोप लगाए गए थे, जिनकी जांच में उन्हें निर्दोष पाया गया। भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए उन्होंने कैमरा लगाने का निर्णय लिया। उनके अनुसार, कैमरे का फोकस कमरे के दरवाजे और बाहर की गैलरी पर है, न कि किसी कर्मचारी की निजी गतिविधियों पर HOD ने जताई आपत्ति
HOD डॉ. तुलिका चंद्रा ने सीसीटीवी कैमरा लगाए जाने पर आपत्ति जताते हुए इसे कर्मचारियों की निजता से जुड़ा मामला बताया। उन्होंने आशंका जताई कि कैमरे का दुरुपयोग हो सकता है, इसलिए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
प्रॉक्टर और रजिस्ट्रार को लिखा गया पत्र
मामले को लेकर विभागाध्यक्ष ने कुलसचिव और चीफ प्रॉक्टर को पत्र लिखकर कैमरा हटाने की मांग की। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के लिए एक समिति का गठन कर दिया है।
शिक्षक संघ ने समन्वय बनाने को कहा
KGMU शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ.केके सिंह ने बताया कि सीसीटीवी कैमरा लगाने के मामले में जांच समिति बना दी गई है। विभाग के बेहतर संचालन और आपसी समन्वय बनाए रखने की अपील की गई है। फिलहाल समिति द्वारा मामले की जांच की जा रही है।
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