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IIT-BHU गैंगरेप केस में आज अंतिम जिरह:फास्ट ट्रैक कोर्ट ने वकीलों को दिया था अंतिम अवसर, पीड़िता वर्चुअल जुड़ेगी

वाराणसी के बीएचयू परिसर में आईआईटी छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के लंबित मुकदमे की मंगलवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) कुलदीप सिंह की अदालत में सुनवाई होगी। पीड़िता की ओर से आरोपित आनंद चौहान के वकील श्रीनाथ त्रिपाठी, संजीव चौबे व कुंदन सिंह जिरह पूरी करेंगे। आज स्थगन प्रार्थना पत्र मान्य नहीं होगा। जिरह की कार्रवाई पूरी न होने पर अदालत ने इसे जारी रखते हुए आज की तारीख मुकर्रर की थी। आज पीड़िता भी कोर्ट में वर्चुअल पेश होगी। इसके बाद आरोपियों के वकील सवाल करेंगे। इससे पहले आरोपी कुणाल पांडेय के वकील राजीव प्रताप सिंह की अपील पर अदालत ने पेनड्राइव में संकलित साक्ष्यों का अवलोकन करने के लिए 18 व 19 जनवरी की तिथि मुकर्रर कर दी थी। पिछली तारीख पर एडवोकेट कुंदन सिंह ने बताया कि सुनवाई के दौरान पीड़िता ने अपने पढ़ाई और फरवरी माह में मिड सेमेस्टर के परीक्षा की बात कहते हुए जिरह की कार्रवाई को पूरा करने का मुद्दा उठाया। बचाव पक्ष के वकील श्रीनाथ त्रिपाठी ने प्रदेश बार कौंसिल चुनाव में प्रत्याशी होने के कारण जनवरी माह में व्यस्त होने का हवाला देते हुए जिरह के लिए कोई अन्य तिथि मुकर्रर करने की अदालत से अपील की।
वाराणसी की फास्ट ट्रैक कोर्ट में IIT-BHU गैंगरेप केस की पीड़ित छात्रा की गवाही दो साल बाद भी पूरी नहीं हो सकी, अभी आरोपियों के वकील उसकी गवाही पर जिरह कर रहे हैं । कोर्ट ने आरोपियों के वकील से कहा- आपको 4 बार मौका दिया गया, इसके बाद भी छात्रा जिरह (सवाल-जवाब) के लिए पूरा कर पाए, आरोपियों की जिरह के लिए 3 फरवरी अंतिम अवसर है।। बता दें कि IIT-BHU की छात्रा के साथ 31 अक्टूबर, 2023 को गैंगरेप हुआ था। उसने पुलिस और कोर्ट में अपने बयान दिए। कोर्ट में 18 जुलाई, 2024 से ट्रायल शुरू हुआ। 22 अगस्त, 2024 को पहली बार कोर्ट में पीड़ित ने बयान दर्ज कराए। 14 महीने में छात्रा को 20 से अधिक बार कोर्ट ने तलब किया। वह 12 बार कोर्ट में पेश हो चुकी है, फिर उसने सुरक्षा का हवाला देते हुए कोर्ट में वर्चुअल पेशी के लिए आवेदन दिया। इसके बाद कोर्ट ने स्वीकार कर फिजिकल पेशी की जगह वर्चुअल पेशी का फैसला लिया था। राजीव प्रताप सिंह ने गत छह जनवरी को इस आशय का प्रार्थना पत्र दिया था कि घटना की विवेचना के दौरान लंका पुलिस द्वारा बीएचयू परिसर में लगे कैमरों से वीडियो फुटेज संकलित किया गया है, हाईकोर्ट द्वारा पांच मार्च 2025 को इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य पैनड्राइव में मौजूद मैटेरियल का दो दिन अवलोकन करने का आदेश दिया गया है। वकील राजीव प्रताप सिंह ने अपने कथन के समर्थन में हाईकोर्ट के आदेश की प्रति अदालत में प्रस्तुत की थी, अभियोजन तथा बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के पश्चात् अदालत ने पीड़िता से आरोपित आनंद चौहान की जिरह पूरी होने के बाद पेनड्राइव का अवलोकन करने की प्रार्थना पत्र मंजूर कर ली थी। वीडियो क्रांफ्रेंसिंग के जरिए पीड़िता का बयान और बचाव पक्ष द्वारा उससे जिरह की कार्रवाई की जा रही है।

छात्रा के वकील ने कहा- आरोपियों को कड़ी सजा दिलाएंगे छात्रा के वकील ADCG मनोज कुमार कहते हैं- 31 जुलाई को केस का चश्मदीद गवाह उस रात को हुए वाकए को बताएगा। इसके बाद केस के विवेचक को कोर्ट में बुलाया जाएगा। वो चार्जशीट और केस डायरी पर सवालों के जवाब देंगे। इसके बाद हमारी कोशिश होगी कि कोर्ट आरोपियों के खिलाफ कड़ी सजा सुनाए। अब सिलसिलेवार पूरा मामला समझिए… 2023 में गैंगरेप, कोर्ट में 18 जुलाई, 2024 को ट्रायल हुआ वाराणसी के जिला एवं सत्र न्यायालय की फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामले की सुनवाई 18 जुलाई, 2024 से ट्रायल में लाई गई थी। इस सुनवाई के दौरान छात्रा ने अपना बयान 22 अगस्त तक दर्ज कराया। इसी बीच आरोपियों को जमानत मिल गई थी। इसके बाद कोर्ट में छात्रा से जिरह शुरू हुई। 8 महीने में छात्रा को 15 बार जिरह के लिए बुलाया गया। 4 बार अलग-अलग कारणों से वह नहीं आ सकी। कभी आरोपियों की ओर से अपील तो कभी अगली तारीख, इन सब के बीच अब तक जिरह पूरी नहीं हो सकी। अब चोटिल होने के कारण वह पेश नहीं हो पा रही है। आरोपियों की मौजूदगी में सितंबर से जून तक उसे कई बार तलब किया गया, तो उसने वर्चुअल पेशी की गुहार लगाई। जज ने उसको इसकी इजाजत देते हुए अतिसंवेदनशील गवाह की श्रेणी में रखा। हालांकि इसके बाद कई बार कोर्ट में तलब किया जा चुका है, लेकिन छात्रा से जिरह पूरी नहीं हो सकी है।
पहले आनंद, फिर कुणाल और सक्षम की रिहाई हो चुकी वाराणसी फास्ट ट्रैक कोर्ट में याचिका खारिज होने के बाद सबसे पहले आरोपी आनंद ने 11 नवंबर, 2023 को जमानत याचिका हाईकोर्ट में दायर की थी। आनंद ने परिजन की बीमारी समेत कई कारण बताए। इस पर कोर्ट ने 2 जुलाई, 2024 को जमानत स्वीकार कर ली, लेकिन कई शर्तें भी लगाईं। आनंद के जमानत स्वीकार होते ही दूसरे आरोपी कुणाल ने भी 2 जुलाई को हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की। 4 जुलाई को कोर्ट ने उसकी भी जमानत स्वीकार कर ली, लेकिन जमानतदारों के वैरिफिकेशन के चलते उसकी भी रिहाई 24 अगस्त को हो सकी। इसके बाद 4 जुलाई को तीसरे आरोपी सक्षम पटेल ने जमानत अर्जी दाखिल की। उसे भी कोर्ट ने कुछ दिन बाद गैंगरेप में जमानत दे दी, लेकिन गैंगस्टर में आपत्ति दाखिल हो गई। इसके बाद गैंगस्टर के केस में सक्षम पटेल की याचिका हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 16 सितंबर, 2024 को खारिज कर दी। इसके बाद उसने डबल बेंच में अपील की, जहां कोर्ट ने पुलिस से रिपोर्ट तलब की। पुलिस ने कोर्ट में कमजोर रिपोर्ट पेश की, जिस पर सक्षम पटेल को जमानत मिल गई। गैंगरेप के तीनों आरोपी भाजपा IT सेल से जुड़े थे। सरकार के मंत्री-विधायक समेत बड़े नेताओं के संपर्क में थे।


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