जिलाधिकारी की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के तहत जनपद के सभी बैंकों में स्वीकृत-वितरण के लिए लंबित आवेदन पत्रों की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान, एक्सिस बैंक द्वारा 36 आवेदन पत्रों में से केवल 2 का वितरण किया गया, जबकि 12 आवेदन निरस्त कर दिए गए। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की और निर्देश दिए कि एक्सिस बैंक के खिलाफ उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा जाए, क्योंकि बैंक सरकारी योजनाओं में रुचि नहीं ले रहा है।
बैंक ऑफ बड़ौदा को 330 आवेदन पत्र भेजे गए थे, जिनमें से 131 का वितरण हुआ और 227 निरस्त किए गए। बैंक ऑफ इंडिया में 76 आवेदन पत्रों में से 40 वितरित हुए और 48 निरस्त किए गए। बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 25 आवेदन पत्रों में से 12 का वितरण किया गया और 12 निरस्त किए गए। केनरा बैंक को 598 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 213 वितरित किए गए, 394 निरस्त हुए, और 68 स्वीकृत तथा 12 वितरण के लिए लंबित हैं। इंडियन बैंक की शाखाओं में 231 आवेदन पत्रों में से 63 वितरित हुए, 151 निरस्त किए गए, और 33 स्वीकृत तथा 17 वितरण के लिए लंबित हैं। पंजाब नेशनल बैंक को 854 आवेदन मिले, जिनमें से 385 वितरित हुए, 555 निरस्त हुए, और 87 स्वीकृति के लिए लंबित हैं। भारतीय स्टेट बैंक में 790 आवेदन पत्रों में से 252 वितरित किए गए, 567 निरस्त हुए, और 85 स्वीकृति के लिए लंबित हैं। जिलाधिकारी ने केनरा बैंक को 200, बैंक ऑफ बड़ौदा को 100, भारतीय स्टेट बैंक को 300 और पंजाब नेशनल बैंक को 300 आवेदन पत्र एक सप्ताह के भीतर वितरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन बैंकों द्वारा योजना में सहयोग नहीं किया जा रहा है, उनके उच्चाधिकारियों और राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति को उचित कार्रवाई के लिए पत्र भेजा जाए।
https://ift.tt/ILid9kD
🔗 Source:
Visit Original Article
📰 Curated by:
DNI News Live

Leave a Reply