दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के होनहार स्टूडेंट्स युवा महोत्सव अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। रविवार को कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने 36 सदस्यीय टीम को हरी झंडी दिखाकर औपचारिक रूप से रवाना किया। युवा महोत्सव उत्तर मध्य जोन के अंतर्गत महर्षि मार्कण्डेश्वर विश्वविद्यालय, अंबाला में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देश के छह राज्यों के कुल 35 केंद्रीय और राज्य विश्वविद्यालय हिस्सा ले रहे हैं। यह महोत्सव भारत की युवा प्रतिभाओं को अपनी कला, संस्कृति और बौद्धिक क्षमताओं के प्रदर्शन का एक सशक्त राष्ट्रीय मंच प्रदान करता है। 11 विधाओं में करेंगे प्रदर्शन
गोरखपुर विश्वविद्यालय की यह 36 सदस्यीय टीम विद्यार्थियों, टीम मैनेजर और कोऑर्डिनेटर से मिलकर बनी है, जो कुल 11 विभिन्न विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेगी। इन विधाओं में साहित्य, शास्त्रीय और लोक संगीत, ललित कला, नृत्य और नाटक की विविध प्रतियोगिताएं सम्मिलित हैं। यह सहभागिता विश्वविद्यालय की बहुआयामी सांस्कृतिक विरासत और शैक्षणिक समृद्धि को दर्शाती है। स्टूडेंट्स का व्यक्तित्व विकास होगा- कुलपति
इस अवसर पर कुलपति प्रो० पूनम टंडन ने सभी प्रतिभागियों से बातचीत की और उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि युवा महोत्सव केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सांस्कृतिक संवेदनशीलता को बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने विश्वास जताया कि गोरखपुर विश्वविद्यालय की टीम अपने बेहतरीन प्रदर्शन से विश्वविद्यालय का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करेगी। टीम का कुशल नेतृत्व डॉ. ओ.पी. सिंह, सहायक आचार्य, विधि संकाय और अभिषेक श्रीवास्तव, शोधार्थी, ललित कला, संगीत विभाग द्वारा किया जा रहा है। दोनों ही संयोजकों ने टीम को प्रतियोगिता के लिए मानसिक और सांस्कृतिक रूप से तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस अवसर पर टीम को संबोधित करते हुए अधिष्ठाता कला संकाय, प्रो० अनुभूति दुबे ने कहा कि विश्वविद्यालय को अपने प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की क्षमता, समर्पण और सृजनशीलता पर पूर्ण विश्वास है। उन्होंने कहा कि यह टीम निश्चित रूप से उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विश्वविद्यालय की गरिमा और सांस्कृतिक पहचान को और सुदृढ़ करेगी। स्टूडेंट्स की छिपी प्रतिभा को उजागर करने का मौका
कार्यक्रम में विशेष रूप से तरंग कल्चरल सेल की निर्देशिका प्रो० ऊषा सिंह की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि युवा महोत्सव विद्यार्थियों के भीतर छिपी रचनात्मक ऊर्जा को उजागर करने का एक सशक्त मंच है और यह अनुभव उनके जीवन में दीर्घकालिक प्रेरणा का स्रोत बनेगा। पूरे कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय परिवार में गर्व, आत्मविश्वास और उत्साह का वातावरण बना रहा। यह प्रस्थान न केवल एक प्रतियोगिता की शुरुआत है, बल्कि गोरखपुर विश्वविद्यालय की सांस्कृतिक चेतना, शैक्षणिक उत्कृष्टता और राष्ट्रीय सहभागिता का सशक्त प्रतीक भी है।
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