छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज एंड बायोटेक्नोलॉजी ने 2 फरवरी 2026, सोमवार को एक शैक्षिक भ्रमण का आयोजन किया। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य छात्रों को वैज्ञानिक अनुसंधान और आधुनिक तकनीकों से परिचित कराना था। यह शैक्षणिक यात्रा विश्वविद्यालय की ‘सोशल साइंटिफिक रिस्पॉन्सिबिलिटी’ (SSR) के प्रति प्रतिबद्धता का हिस्सा थी। डॉ. अखिलेंद्र प्रताप भारती के निर्देशन में चल रही DST-SERB परियोजना के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में चंद्रशेखर आज़ाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (CSA) के प्लांट बायोकेमिस्ट्री एवं प्लांट फिज़ियोलॉजी विभाग की शिक्षिकाओं डॉ. सुनीता कुमारी और डॉ. शक्ति सिंह के साथ कुल 40 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
भ्रमण के दौरान छात्रों ने विभिन्न उच्च-स्तरीय प्रयोगशालाओं का अवलोकन किया। विभाग की निदेशक डॉ. अनुराधा कालानी और सह-निदेशक डॉ. राजीव मिश्रा के मार्गदर्शन में छात्रों को विज्ञान की प्रायोगिक दुनिया से रूबरू कराया गया। छात्रों ने स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज की ‘यीस्ट जेनेटिक रिसर्च लैब’, ‘सेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन फैसिलिटी’, ‘प्लांट टिश्यू कल्चर लैब’ और ‘फिश लैब’ में शोध गतिविधियों को देखा। यहाँ उन्हें न केवल शोध के विषयों की जानकारी दी गई, बल्कि विज्ञान की जटिल अवधारणाओं को भी सरल ढंग से समझाया गया। इस भ्रमण में अत्याधुनिक उपकरण विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। विशेषज्ञों ने छात्रों को RT-PCR, HPLC, GC-MS और उच्च क्षमता वाले माइक्रोस्कोप जैसे उन्नत उपकरणों की कार्यप्रणाली और उनकी भविष्य की संभावनाओं के बारे में विस्तार से बताया।
छात्रों ने यह सीखा कि कैसे ये मशीनें बीमारियों की पहचान, पौधों के विश्लेषण और रासायनिक संरचनाओं को समझने में मदद करती हैं। इस दौरान CSA के विभागाध्यक्ष प्रो. राजीव कुमार और डॉ. आलोक पांडेय की गरिमामयी उपस्थिति ने छात्रों का मनोबल बढ़ाया।
विभाग के वरिष्ठ शोधकर्ता डॉ. चंद्रेश शर्मा, डॉ. श्रीहर्ष और डॉ. रंजना गौतम ने शोध के व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा की, जबकि पीएचडी शोधार्थी दीपक, भूपेंद्र और अदिति ने अपने अनुभव साझा कर छात्रों को प्रेरित किया।
कार्यक्रम के समापन सत्र में विभाग की वरिष्ठ प्राध्यापिका प्रोफेसर वर्षा गुप्ता ने सभी आगंतुक छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने अपने भाषण में इस बात पर जोर दिया कि आज के छात्र ही कल के वैज्ञानिक हैं और ऐसे भ्रमण उनके सोचने के दायरे को विस्तृत करते हैं।
उन्होंने छात्रों को निरंतर सीखने और नवाचार करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए उनके उज्ज्वल और सफल भविष्य की कामना की। अंततः, यह शैक्षिक भ्रमण ज्ञान, अनुभव और नई ऊर्जा के संचार के साथ संपन्न हुआ, जिसने छात्रों के मन में विज्ञान के प्रति एक नई अलख जगा दी है।
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