ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने बुधवार को सुल्तानपुर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। पार्टी ने एसआईआर (SIR) प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी (DM) को संबोधित एक मांग पत्र सिटी मजिस्ट्रेट प्रीति जैन को सौंपा। पार्टी जिलाध्यक्ष सरफराज अहमद द्वारा सौंपे गए मांग पत्र में आरोप लगाया गया है कि जिले में एसआईआर प्रक्रिया के तहत प्रारूप-7 का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग हो रहा है। इसमें कहा गया है कि ग्राम पंचायत बूथ स्तर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) पर दबाव बना रहे हैं। मांग पत्र के अनुसार, भाजपा कार्यकर्ता आपत्तिकर्ता बनकर प्रारूप-7 भरवा रहे हैं और बीएलओ से रसीदें ले रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप, नियमित मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटे जा रहे हैं। इसमें बीएलओ की मिलीभगत का भी आरोप लगाया गया है। AIMIM ने इस प्रक्रिया को लोकतंत्र के लिए ‘अत्यंत घातक’ बताया है। पार्टी का कहना है कि पर्याप्त दस्तावेजी साक्ष्य के बिना नाम जोड़ना या काटना अवैध और दंडनीय अपराध है। पार्टी ने मांग की है कि सभी बीएलओ को नियमानुसार कार्य करने के दिशा-निर्देश दिए जाएं और उनके कार्यों की समीक्षा की जाए। साथ ही, दोषियों के खिलाफ दंडनीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। AIMIM ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा प्रायोजित असिस्टेंट बूथ लेवल ऑफिसर (एबीएलओ) सरकारी कर्मचारी बीएलओ से मिलकर मुस्लिम मतदाताओं के नाम चुनकर दबावपूर्वक हस्ताक्षर करवा रहे हैं। वे काउंटर फाइलें वापस लेकर बीएलओ को दे रहे हैं, ताकि संबंधित व्यक्तियों तक पहुंचाया जा सके। पार्टी ने दावा किया कि उनके पास ‘एक कुंतल फाइलें’ सबूत के तौर पर मौजूद हैं। उन्होंने मदनपुर के भाजपा ब्लॉक अध्यक्ष का एक वीडियो होने का भी जिक्र किया, जिसमें वह कथित तौर पर दबाव में गलती स्वीकार कर रहे हैं। AIMIM ने सरकार और प्रशासन से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
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