अपर जिलाधिकारी अविनाश चंद्र मौर्य ने औरैया कलेक्ट्रेट परिसर से 52 स्वयंसेवकों को आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण के लिए हरी झंडी दिखाकर एसडीआरएफ मुख्यालय लखनऊ रवाना किया। ये स्वयंसेवक ‘आपदा मित्र’ योजना के तहत प्रशिक्षित होंगे, जिससे वे जिले में आपदाओं का सामना करने में सक्षम बन सकें। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये आपदा मित्र जिले में ‘फर्स्ट रिस्पांडर’ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालेंगे। इन सभी स्वयंसेवकों को 12 दिन के गहन प्रशिक्षण के लिए एसडीआरएफ लखनऊ भेजा गया है। केंद्र सरकार ने सामुदायिक जागरूकता के माध्यम से आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के उद्देश्य से इस योजना को लागू किया है। ‘आपदा मोचक निधि’ से इस ‘आपदा मित्र परियोजना’ का संचालन किया जाएगा। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों पर इन स्वयंसेवकों को आपदा प्रबंधन, आपदा पूर्व तैयारी, भूकम्प सुरक्षा, खोज एवं बचाव, अग्नि सुरक्षा, बरसात के मौसम में बाढ़, आकाशीय बिजली और सीपीआर जैसे विषयों पर निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिला आपदा विशेषज्ञ दीपक कुमार ने जानकारी दी कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद इन स्वयंसेवकों को आपातकालीन किट उपलब्ध कराई जाएंगी। इन किटों में फर्स्ट एड किट, लाइफ जैकेट, टॉर्च, सुरक्षा हेलमेट, लाइटर, बहु-उपयोगी रस्सी, कटर और सीटी जैसी आवश्यक सामग्री शामिल होगी, जिनका उपयोग आपदा के समय किया जा सकेगा। इस अवसर पर जिला एनसीसी अधिकारी रवि दत्ता, लेफ्टिनेंट पीयूष सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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