DniNews.Live

Fast. Fresh. Sharp. Relevant News

500 करोड़ से अधिक की टैक्स चोरी, दो गिरफ्तार:हरियाणा छत्तीसगढ़ पंजाब तक फैला है रैकेट, मामले की छानबीन में जुटी पुलिस

आजमगढ़ की पुलिस ने जीएसटी चोरी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों ने 500 करोड़ से अधिक की टैक्स चोरी की है। गिरफ्तार आरोपी देश के कई राज्यों में फर्जी फॉर्म खोलकर उनके नाम पर टैक्स क्रेडिट लेकर राजस्व की हानि कर रहे थे। यह सारी चीजे कागजों पर ही दिखाई जा रही थी। इस मामले की लगातार पुलिस को शिकायत मिल रही थी। इसी आधार पर कंधरापुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। गिरफ्तार आरोपियों में एक आरोपी विजय कुमार यादव श्रावस्ती का रहने वाला है। जबकि दूसरा अभिराज शर्मा लखनऊ का रहने वाला है। साइबर सेल के नोडल अधिकारी विवेक त्रिपाठी ने बताया कि इस पूरे सिंडिकेट की तलाश की जा रही है। इसमें जो भी लोग शामिल हैं। उन सबको भी जल्द ही गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। इस मामले में सितंबर 2025 को सहायक आयुक्त राज्य कर अविनाश चंद्र राय ने मुकदमा दर्ज कराया था। फर्जी कंपनियां खोलकर करते थे ठगी
इस बारे में जानकारी देते हुए जिले के साइबर सेल के नोडल अधिकारी विवेक त्रिपाठी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी फर्जी और अस्तित्व भी कंपनियां खोलकर ठगी की घटनाओं को अंजाम देते थे। और लगातार सरकार के राजस्व की क्षति कर रहे थे। इन आरोपियों ने विद्या ट्रेडर्स रायपुर, अभिराज ट्रेडर्स हिमाचल प्रदेश, श्री मुनि ट्रेड ट्रांसपोर्ट कंपनी बिहार सहित कई कंपनियों के नाम से फर्जी रजिस्ट्रेशन कराया था। पूछताछ में यह बात सामने आई थी लगातार कई संदेश व्यक्तियों से इन आरोपियों का संपर्क बना रहा। आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप कर मोबाइल फोन और आधार कार्ड पैन कार्ड बरामद किए गए हैं। इस अभियान में साइबर सेल के ओमप्रकाश विकास कुमार सहित बड़ी संख्या में पुलिस और साइबर टीम के कर्मचारी शामिल रहे।
चेकिंग के दौरान हुआ था खुलासा
आजमगढ़ जिले में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पास जब जीएसटी विभाग के अधिकारियों की चेकिंग चल रही थी। इसी दौरान पंजाब नंबर और गाजियाबाद नंबर की दो गाड़ियों को रोका गया। जिसमें फर्जी बिल पर माल भेजा जा रहा था। इसके साथ ही क्रेता और विक्रेता दोनों का पता फर्जी पाया गया। पूरे प्रदेश में चल रही इस अभियान के अंतर्गत 40 से अधिक फर्जी बिल और पर्चे पर चलने वाली गाड़ियों को रोका गया था। इन सभी के विरुद्ध मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। ऐसी कंपनियों में क्रेता और विक्रेता दोनों फर्जी होते हैं। और सरकार को मिलने वाला टैक्स चुरा लिया जाता है। जिससे कि प्रतिवर्ष सरकार को करोड़ों की राजस्व की हानि होती है।। आरोपियों के सिंडिकेट का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कई आरोपी इस मामले को लेकर कोर्ट भी चले गए हैं।


https://ift.tt/tb2Z6EH

🔗 Source:

Visit Original Article

📰 Curated by:

DNI News Live

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *