संभल में सरकारी तालाब की भूमि पर किए गए अवैध कब्जे को हटा दिया गया है। प्रशासन ने एक बीघा भूमि पर बनी बाउंड्री वॉल, एक कमरा और शौचालय को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान वहां मौजूद महिलाएं और बच्चे रोने लगे, उनका दावा था कि उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया। यह घटना संभल के थाना असमोली क्षेत्र के गांव मातीपुर मझरा धकतोड़ा की है। शुक्रवार को तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह, नायब तहसीलदार दीपक कुमार जुरैल और सीओ असमोली कुलदीप कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने तालाब और कब्रिस्तान की भूमि पर हुए अवैध कब्जे की पैमाइश की। पैमाइश के बाद, दो बुलडोजर बुलाए गए और शाम 5 बजे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई। लगभग 40 मिनट तक चले बुलडोजर एक्शन में अवैध निर्माण को पूरी तरह से हटा दिया गया। गृहस्वामी सादिक ने बताया कि उन्हें किसी प्रकार का कोई नोटिस नहीं मिला और अधिकारी सीधे मकान गिराने लगे। आसमीन नामक एक अन्य निवासी ने कहा कि इस जगह की कई बार पैमाइश हो चुकी है और हर बार जमीन पूरी निकली है। उन्होंने आरोप लगाया कि अचानक आकर बाउंड्री वॉल, गेट और शौचालय तोड़ दिया गया। उनका कहना था कि वे 40 साल से यहां रह रहे हैं और उनके बड़े-बुजुर्गों ने यह जमीन ली थी। कार्रवाई के दौरान, एक छोटी बच्ची अपनी मां से चिपककर रोने लगी और कहा, “हमारे मकान को तोड़ दिया।” घर की अन्य बच्चियां भी रोते हुए किताबें, बर्तन और अन्य सामान निकालते हुए दिखीं। रविवार को तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि गाटा संख्या 680 की यह जमीन सरकारी रिकॉर्ड में तालाब के नाम पर दर्ज है। उन्होंने बताया कि धारा 67 के तहत पहले भी कार्रवाई की गई थी, जिसमें जाकिर ने अपना कब्जा हटा लिया था, लेकिन सादिक और अनीस ने कब्जा नहीं छोड़ा और पक्का मकान बना लिया था। तहसीलदार ने चेतावनी दी कि यदि शेष अतिक्रमण 24 घंटे में नहीं हटाया गया, तो फिर से बुलडोजर एक्शन लिया जाएगा।
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